झांसी। विधान परिषद चुनाव में मिली अप्रत्याशित हार के बाद अब भारतीय जनता पार्टी आगामी पंचायत चुनाव में किसी तरह की रिस्क लेने के मूड में नहीं है। पंचायत चुनाव में जीत हासिल करने के लिए पार्टी ने अपने जमीनी कार्यकर्ताओं को मैदान में उतारने का मन बनाया है। जिताऊ के साथ टिकाऊ प्रत्याशियों पर ही भाजपा भरोसा जताएगी।
विधान परिषद के झांसी - इलाहाबाद खंड स्नातक चुनाव में पिछले चार बार से लगातार जीतती आ रही भाजपा को इस बार सपा से हार का सामना करना पड़ा है। जबकि, चुनाव परिणाम आने से पहले भाजपाई जीत को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त थे। पंचायत चुनाव से ठीक पहले मिली इस हार का संदेश ऊपर तक गया है। इस हार के बाद से पार्टी में चिंतन - मंथन का दौर जारी है। इससे सबक लेते हुए पार्टी पंचायत चुनाव की तैयारियों में जुट गई है।
पंचायत चुनाव में पार्टी अपने ऐसे कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने का काम करेगी, जो जमीनी स्तर पर संगठन के काम में जुटे हुए हैं। किसी न किसी माध्यम से लगातार मतदाताओं के संपर्क में बने हुए हैं। प्रत्याशी का जिताऊ होने के साथ - साथ टिकाऊ होना भी बेहद जरूरी है। भाजपा के सत्ता में होने की वजह से विभिन्न दलों से के लोग भी इस बार फूल के सहारे अपनी चुनावी वैतरणी पार करने की योजना में है, लेकिन संगठन स्तर पर इस पर विशेष नजर रखी जा रही है। कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने के लिए पार्टी ने संगठन के पदाधिकारियों को भी चुनाव नहीं लड़ाने जा रही है।
हर ब्लाक में होंगे किसान सम्मेलन
झांसी। 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर हर विकासखंड में किसान सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे, जिसमें क्षेत्र के सभी ग्राम सभाओं के किसानों को शामिल किया जाएगा। इसी दिन सरकारी स्तर पर भी किसान सम्मेलन का आयोजन होगा। सरकारी आयोजन विकासखंड परिसर में होंगे। जबकि, भाजपा के सम्मेलन पार्टी द्वारा तय किए गए स्थान पर होेंगे। इन सम्मेलनों के माध्यम से भाजपा पंचायत चुनाव का अपना तानाबाना मजबूत करेगी।
भारतीय जनता पार्टी का तंत्र ग्रामसभा स्तर तक मजबूत है। अब इसे और भी सक्रिय किया जा रहा है। पंचायत चुनाव की तैयारी तेजी से जारी हैं। सरकार की जन कल्याणकारी नीतियों की वजह से जनता का रुझान भाजपा की ओर है।
- रामकिशोर साहू, क्षेत्रीय महामंत्री