व्यापारी की मौत का जिम्मेदार ठहराया रिश्तेदार को
झांसी। कोतवाली के बड़ागांव गेट बाहर रहने वाले ब्रश कारोबारी प्रतीक (30) की आत्महत्या के मामले में परिजनों ने एक रिश्तेदार को जिम्मेदार ठहराया है। परिजनों ने डीआईजी से कार्रर्वाई की मांग को लेकर शिकायती पत्र दिया है, जहां डीआईजी ने जांच के आदेश दिए हैं।
कोतवाली के बड़ागांव गेट बाहर स्थित वर्मा कॉलोनी निवासी स्व. गौरी शंकर अग्रवाल के पुत्र प्रतीक अग्रवाल ब्रश कारोबारी थे। 10 को वह कारोबार के सिलसिले में घर से निकले थे। इसके बाद उन्होंने ग्वालियर में एक होटल में फांसी लगाकर जान दे दी थी। परिजनों ने रविवार को डीआईजी से मुलाकात कर शिकायती पत्र दिया। इसमें एक रिश्तेदार से प्रताड़ित करने के चलते आत्महत्या करने का जिक्र किया है। परिजनों ने रिश्तेदार पर कार्रवाई की मांग की है।
परिजनों ने बताया कि मौके से पुलिस को छह पेज का सुसाइड नोट भी मिला था। इसमेें उसने एक रिश्तेदार से प्रताड़ित होकर आत्महत्या का जिक्र किया था। उसने उल्लेख किया था कि एक रिश्तेदार कॉलोनी के मकान में हिस्से के लिए तंग कर रहा था। जबकि, नारायण कॉलोनी में बड़ा प्लॉॅट हिस्से में ले चुका है। रिश्तेदार के परिजन भी बात को सही बताकर परिवार पर बना रहे थे कि मकान दो या फिर 50 लाख दो। 2006 में पिता गौरीशंकक अग्रवाल ने भी इस दवाब में सुसाइड किया था। उन्होंने भी मौत की वजह सुसाइड नोट भी लिखी थी, लेकिन उसे गायब कर दिया था। इसके अलावा, उनके पुत्र ने सुसाइड नोट में अन्य बातों का भी उल्लेख किया है।