झांसी। जेल चौराहा से बबीना मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण में बिजली की लाइन शिफ्ट करने का काम सेना का अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं मिलने के कारण अटक गया है। इस कारण चौड़ीकरण में देरी हो रही है।
तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने करीब पांच साल पहले जेल चौराहा से बीएचईएल तक सड़क चौड़ीकरण कराने के निर्देश दिए थे। कुछ दिनों तक काम चला, लेकिन रास्ते में आने वाले पेड़ों को काटने के लिए वन विभाग की अनापत्ति नहीं मिलने से काम रुक गया। जैसे - तैसे अनापत्ति मिली और काम शुरू हुआ तो बिजली विभाग की सड़क किनारे से जा रही लाइन को शिफ्ट करने की कार्ययोजना तैयार की गई। जेल चौराहा से बीएचईएल तक बिजली की लाइन शिफ्ट करने की कार्ययोजना में हंसारी सब स्टेशन से लेकर जेल चौराहा और दूसरी तरफ बीएचईएल तक सड़क किनारे से लाइन को हटाया जाना था, ताकि सड़क का चौड़ीकरण किया जा सके।
सड़क के चौड़ीकरण का काम तो शुरू हो गया, लेकिन लाइन पूरी तरह से शिफ्ट नहीं हो सकी। इसकी वजह जेल चौराहा से तीन किलोमीटर का क्षेत्र सेना के अंतर्गत आता है। सेना से अभी तक अनापत्ति नहीं मिली है। पिछले दिनों बिजली विभाग के प्रबंध निदेशक झांसी आए थे, उनके समक्ष भी यह मामला उठा था। इस पर बताया गया कि सेना की अनापत्ति नहीं मिलने के कारण मामला अटका पड़ा है।
जेल चौराहा से तीन किलोमीटर तक बिजली शिफ्टिंग का काम रुका है, बाकी काम लगभग पूरा हो गया है। अनापत्ति मिलते ही यहां से बिजली की लाइन शिफ्ट कर दी जाएगी। - अनुभव कुमार, अधिशासी अभियंता