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Jhansi News: न अधिकारी गए न ही भेजे मजिस्ट्रेट...केवल पुलिस भेजने का किसने दिया आदेश

Sun, 31 Jul 2022 01:39 AM IST
झांसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, झांसी

सार

फैक्टरी के अफसरों ने पिछले दिनों एसडीएम सदर को एक प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था ढाबा संचालक ने उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया है लिहाजा कब्जा हटवाया जाए। अफसरों ने शनिवार की दोपहर को साढ़े ग्यारह बजे पुलिस भेज दी।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : उत्तर प्रदेश पुलिस
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विस्तार
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न तो कोई पुलिस अधिकारी ही मौके पर भेजा गया था और न ही कोई मजिस्ट्रेट। भारत एक्सप्लोसिव फैक्टरी के अफसरों ने कब्जा हटाने के लिए पुलिस मांगी और आला अधिकारियों ने भी भेज दी। यह नहीं सोचा कि अफसर भी मौके पर होने चाहिए। अगर अधिकारी वहां होते तो शायद इतना बड़ा बवाल न होता। अमले की नींद भी तब टूटी जब ढाबा संचालक पूर्व प्रधान की मौत हो गई।

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कोतवाली क्षेत्र के गांव अमरपुर में हाईवे किनारे भारत एक्सप्लोसिव के नाम से विस्फोटक बनाने की फैक्टरी है। इस फैक्टरी के बगल में ही पूर्व प्रधान भैय्यन यादव ने अपनी जमीन पर ढाबा खोल रखा था। फैक्टरी के अफसरों ने पिछले दिनों एसडीएम सदर को एक प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था ढाबा संचालक ने उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया है लिहाजा कब्जा हटवाया जाए। अफसरों ने शनिवार की दोपहर को साढ़े ग्यारह बजे पुलिस भेज दी। पुलिस के पहुंचते ही फैक्टरी के अफसर खुद ही कब्जा हटवाने के लिए निकल पड़े। जबकि होना यह चाहिए था कि कब्जा किसी अधिकारी की
मौजूदगी में हटना चाहिए था। क्योंकि पहले से माना जा रहा था कि यहां शांति भंग हो सकती है। लेकिन इस पर किसी ने ध्यान ही नहीं दिया। अगर अधिकारी मौके पर होते तो यह बवाल न होता।
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तीस डिसमिल जमीन को लेकर चला आ रहा था विवाद
ग्राम अमरपुर स्थित हाईवे पर स्थित ढाबा संचालक एवं पूर्व प्रधान भैय्यन यादव की जान मात्र तीस डिसमिल जमीन एवं ढाबा हटाने के विवाद को लेकर चली गई। इससे पूर्व भी ढाबा हटाने को लेकर विवाद हो चुका है, लेकिन इस बार ढाबा हटाने के दौरान पूर्व प्रधान की आग लगने की खबर पर बवाल खड़ा हो गया और ढाई घंटे तक हाईवे भी जाम कर दिया गया।

ग्राम अमरपुर के पूर्व ग्राम प्रधान भैय्यन यादव की गांव में करीब पंद्रह एकड़ जमीन है और गांव में ही हाईवे किनारे ढाबा संचालित करते थे। यह ढाबा पहले हाईवे अथॉरिटी की जमीन में था। बाद में हाईवे अथॉरिटी ने अपनी जमीन से ढाबा और सभी दुकानों को हटा दिया था, जिसके बाद पूर्व प्रधान ने अपना ढाबा भारत एक्सप्लोसिव फैक्टरी के पास खोल लिया था। पूर्व प्रधान की तीस डिसमिल जगह भी ढाबा के पीछे ही स्थित है, जो फैक्टरी की जमीन के इर्द गिर्द है। इसे लेकर फैक्टरी के कर्मचारियों द्वारा पूर्व में ही कई बार ढाबा हटाने के लिए कहा गया, लेकिन पूर्व प्रधान चाहता था कि पहले उसकी जमीन की पैमाइश करा दी जाए, उसे ढाबा के पास ही जमीन उपलब्ध करा दी जाए, जिससे उसका ढाबा भी संचालित होता रहेगा और उसकी जमीन भी सुरक्षित रहेगी, लेकिन फैक्टरी वाले इस बात पर राजी नहीं थे और इसी बात को लेकर उनमें विवाद चला जा आ रहा था। इसी विवाद ने आज उग्र रूप ले लिया और पूर्व प्रधान की विवाद के दौरान ही आग लगने से जान तक चली गई। मृतक पूर्व प्रधान के भतीजे गब्बर ने बताया कि मृतक के दो बेटे और तीन बेटियां हैं, जबकि वह तीन भाईयों में सबसे छोटे थे।

डीआईजी ने किया अमरपुर में घटना स्थल का निरीक्षण
कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम अमरपुर में पूर्व प्रधान की भारत एक्सप्लोसिव कर्मचारियों से जमीनी विवाद के दौरान आग लगने से मौत होने और घटना के विरोध में ढाई घंटे तक हाईवे की सड़क पर दोनों ओर जाम लगाए जाने के मामले की घटना के मामले में डीआईजी जोगेंद्र सिंह ने शनिवार की देर शाम को घटना स्थल पर पहुंचकर मौका मुआयना कर घटना के बारे में जानकारी की। उन्होंने मौके पर वर्तमान परिस्थिति को भी जाना और अधीनस्थ पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।संवाद

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