अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) के लिए ली जाने वाली जमीनों के बृहस्पतिवार से बैनामे शुरू कर दिए जाएंगे। सबसे पहले ग्राम सारमऊ की जमीनों के बैनामे होंगे। इसके लिए बुधवार को तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाता रहा।
बीडा के लिए झांसी सदर तहसील के 33 गांवों की 14,225 हेक्टेअर जमीन चिह्नित की गई है। इसमें से सबसे पहले ग्राम सारमऊ की जमीन ली जा रही है। सारमऊ में 765 गाटा संख्या की जमीन ली जा रही है, जिसमें 3168 सह खाताधारक हैं, जबकि किसानों की संख्या 800 है। सारमऊ में ग्रामीणों को जमीन का 616 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा 4.18 करोड़ रुपये परिसंपत्तियों व 64.67 लाख रुपये पेड़ों का मुआवजा दिया जाएगा। पिछले दिनों हुई दर निर्धारण समिति की बैठक में मुआवजे की दरें तय कर दीं गईं थीं। तय दरों को अनुमोदन के लिए मंडलायुक्त के पास भेजा गया था। यहां से अनुमोदन मिलने के बाद प्रस्ताव बीडा के बोर्ड के पास भेजा गया था। बीडा के बोर्ड ने भी सारमऊ ग्राम के लिए तय की गई दरों पर अपनी मुहर लगा दी है। इसके बाद अब बृहस्पतिवार से बीडा के लिए ग्राम सारमऊ की जमीनों के बैनामे कराए जाने लगेंगे। निबंधन विभाग की टीम गांव में ही पहुंचकर बैनामे करेगी। बीडा के विशेष कार्याधिकारी डा. लालकृष्ण ने बताया कि सभी तैयारियां पूरी कर लीं गईं हैं। बृहस्पतिवार से सारमऊ में जमीनों के बैनामे कराने शुरू कर दिए जाएंगे। हालांकि, पहले दिन 10-15 बैनामे होंगे। इसके बाद जमीन लेने की कार्यवाही तेज कर दी जाएगी।
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अंवाबाय और ढिकौली के साथ में होंगे बैनामे
सारमऊ की जमीनों के बैनामे होने के बाद ग्राम अंवाबाय और ढिकौली की जमीनों के बैनामे शुरू कर दिए जाएंगे। इसके लिए अंबावाय का सर्वे कर लिया गया है। यहां 395.763 हेक्टेअर जमीन ली जाएगी। अंबावाय के साथ ग्राम ढिकौली की जमीनों के भी बैनामे होंगे। राजस्व विभाग की टीमों ने ढिकौली में भी डेरा डाल लिया है। एडीएम वरुण कुमार पांडेय ने बताया कि अंबावाय और ढिकौली की जमीनों के साथ में बैनामे होंगे। ढिकौली में सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है।