निर्मोही अखाड़ा के महंत मदन मोहन दास जी ने कहा कि मनुष्य का जन्म जब प्राप्त हुआ है तो उसे भगवान की अनन्य भक्ति और जीव की सेवा में लगाएं। यह प्रवचन उन्होंने मानस भवन मेहंदी बाग में चल रहे भक्त माल कथा को सुनाते हुए दिए। भक्त माल कथा का वर्णन कर उन्होंने कहा कि इस कथा में सतयुग, त्रेता, द्वापर और कलियुग के सभी ईश्वर भक्तों प्रहलाद, शबरी, संत नामदेव, कबीर दास, रैदास, मीरा आदि के भक्ति चरित्र का खूबसूरती से वर्णन किया गया है।
भक्त माल ग्रंथ के रचयिता नारायण दास नाभा जी हैं, जो गोस्वामी तुलसी दास के समकालीन हैं। उनके इस ग्रंथ में ईश्वर की महिमा और उन्हें प्राप्त करने का रास्ता है। इसके श्रवण करने से मनुष्य सभी प्रकार के कष्टों से दूर हो जाता है। परम पिता परमात्मा की कृपा मनुष्य पर हो जाती है। कथा व्यास ने कहा कि जीवन में सद्गुरु का प्राप्त होना भी आवश्यक है। प्रवचन अवसर पर मेहंदी बाग मंदिर के महंत राम प्रिय दास जी, महंत प्रेम नारायण दास जी, अंचल अड़जरिया आदि मौजूद रहे।
फूल बंगला भगवान को अर्पित
श्री कुंज बिहारी मंदिर में मंगलवार को श्रद्धालुओं ने फूल बंगला भगवान कुंज बिहारी सरकार और राज राजेश्वरी राधिका सर्वेश्वरी जू को अर्पित किया। मंदिर परिसर में देशी विदेशी फूलों एंथोरियम, जरबरा, गेंदा, बेला, रजनी गंधा आदि के प्रकार के फूल सजाए गए, जिनकी खुशबू मंदिर परिसर में महकती रही। इससे पहले सुबह भगवान का मंगल अभिषेक व श्रृंगार किया गया। शाम को शास्त्रीय संगीत में कलाकारों ने भजन गाए। इस अवसर पर राधा मोहन दास महाराज आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।