बेपटरी कूड़ा उठान व्यवस्था में होगा सुधार, ऑनलाइन होगी निगरानी
झांसी। महानगर में बेपटरी हुई कूड़ा उठान और डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की व्यवस्था को सुधारने के लिए नगर निगम अफसरों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस प्रक्रिया में अहम बदलाव किए गए हैं। पहले चरण में महानगर के 25 हजार घरों में रेडियो फ्रीक्वेंसी आईडेंटिफिकेशन टैग (आरएफआईडी) लगाए जाएंगे। जो कमांड सेंटर से लिंक होंगे। इससे घर से कूड़ा उठाने की पूरी जानकारी कमांड सेंटर पर पहुंच जाएगी।
दरअसल, महानगर में अब तक पांच कंपनियां कूड़ा कलेक्शन का काम कर रही थीं। कंपनियों के खिलाफ कई शिकायतें मिलने के बाद एक अप्रैल से अनुबंध समाप्त कर दिया गया। इसके बाद से शहर में कूड़ा उठान नहीं हो पा रहा है। इससे महानगर में कई जगहों पर कूड़े के ढेर लग रहे हैं। कूड़ा उठान की व्यवस्था में सुधार करने के लिए नगर निगम और स्मार्ट सिटी अधिकारियों ने नई टेंडर प्रक्रिया तेज कर दी है। बताया जाता है कि मुंबई, पुणे और नोएडा में काम कर रहीं तीन कंपनियों की वित्तीय बिड खोली जानी है। जिसका काम एक सप्ताह में पूरा हो जाएगा। टेंडर प्रक्रिया में हुई देरी को लेकर अधिकारियों का तर्क है कि जिन कंपनियों ने कूड़ा कलेक्शन के लिए आवेदन किया था, उनके अनुभव के आधार पर पीएमसी टीम ने शहरों में जाकर सत्यापन किया। जिसमें तीन कंपनियां ठीक पाई गईं। अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
उधर, डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की प्रक्रिया में अहम बदलाव किए गए हैं। टेंडर में चयनित होने वाली कंपनी शहर का सर्वे करेगी। इसके बाद आवश्यक संसाधनों की जानकारी नगर निगम को दी जाएगी। जिसे निगम मुहैया कराया जाएगा। पहले चरण में महानगर के 25 हजार घरों में रेडियो फ्रीक्वेंसी आईडेंटिफिकेशन टैग (आरएफआईडी) लगाए जाएंगे। जो कमांड सेंटर से लिंक होंगे। घर से कूड़ा लेते ही पूरी जानक ारी निगम के कमांड सेंटर पर पहुंच जाएगी। इसके साथ ही वाहन जीपीएस से लैस होंगे। जिसके बाद वाहन क्षेत्र में कूड़ा उठाने गया या नहीं उसकी भी जानकारी मिलेगी। अपर नगर आयुक्त शादाब असलम ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया सप्ताह भर में पूरी हो जाएगी। तब तक सफाई निरीक्षकों और हवलदारों को शहर में सफाई व्यवस्था सही रखने के लिए कहा गया है। इसकी निगरानी की जा रही है।
शिकायत के लिए बनेगा सेल
नगर निगम में कूड़ा उठान न होने की शिकायतें सबसे ज्यादा पहुंचती हैं। इसके लिए कमांड सेंटर के तहत शिकायत सेल बनाया जा रहा है। कूड़ा उठान न होने की शिकायत मिलने पर संबंधित कंपनी को शिकायत का निस्तारण करना होगा। तय समय में शिकायत न निपटने पर उच्च स्तर के अधिकारियों पर शिकायत खुद ब खुद पहुंच जाएगी। जिसके बाद कंपनी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
एक हजार करोड़ की कंपनियां रेस में
स्मार्ट सिटी के तहत चल रही टेंडर प्रक्रिया में एक हजार करोड़ से लेकर चार हजार करोड़ तक के वार्षिक टर्नओवर वाली कंपनियां रेस में हैं। यह कंपनियां मौजूदा दौर में मेट्रो सिटी में कूड़ा कलेक्शन कर रही हैं। नगर निगम इस बार स्थानीय स्तर की कंपनियों से तौबा कर रहा है।