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दीपावली के पहले ही खराब होने लगी झांसी की हवा

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झांसी। दीपावली के त्योहार के पहले ही झांसी का प्रदूषण खतरे का संकेत देने लगा है। जिले का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 150 के करीब पहुंच चुका है। प्रदूषण का बढ़ता स्तर चेतावनी है। ऐसे में अगर लोगों ने दीपावली पर आतिशबाजी की तो प्रदूषण खतरनाक स्थिति में पहुंच जाएगा।
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देश-प्रदेश के कई बड़े महानगरों के साथ-साथ अब झांसी की आबोहवा भी खराब होती जा रही है। शहर में जगह-जगह खुलेआम कूड़ा जलाया जा रहा है। इससे काफी प्रदूषण हो रहा है। आसपास से गुजरने वाले लोगों का सांस लेना दूभर हो जाता है। इसके अलावा आंखों में एलर्जी भी हो रही है, जिससे लालिमा छाने के साथ-साथ पानी भी निकलने लगता है। वहीं, खेतों में किसान पराली भी जला रहे हैं। करवाचौथ पर भी लोगों ने आतिशबाजी की। इन सब कारणों से झांसी का वायु प्रदूषण बढ़ गया है। अभी तक सौ के करीब रहने वाला वायु गुणवत्ता सूचकांक डेढ़ सौ के करीब पहुंच गया है। ऐसे में महानगर में धुंध सी छाई रहती है। इससे दूर की स्पष्ट तस्वीर नहीं दिखती है।
फोड़े पटाखे तो सवा दो सौ पहुंच सकता एक्यूआई
विशेषज्ञों का कहना है कि दीपावली पर यदि लोगों ने जमकर आतिशबाजी की तो पिछले साल से भी खतरनाक स्थिति में झांसी का प्रदूषण पहुंच जाएगा। संभावना जताई जा रही है कि एक्यूआई सवा दो सौ तक पहुंच सकता है।
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ये जहरीली गैसें निकलतीं
पटाखों में सल्फर होता है। इसलिए पटाखों के कारण वायु में कार्बन मोनोडाइऑक्साइड, सल्फर डाईऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड, पोटेशियम ऑक्साइड जैसी हानिकारक गैसों की मात्रा काफी बढ़ जाती है। इससे फेफड़े, अस्थमा, सीओपीडी के मरीजों को सांस लेने में दिक्कत होती है। इसके साथ ही एलर्जिक ब्रॉन्काइटिस और एलर्जिक राइनाइटिस को भी बढ़ावा मिलता है।
ये है प्रदूषण का मानक
रंग सूचकांक हालात
हरा 0 से 50 अच्छा
पीला 51 से 100 सामान्य
नारंगी 101 से 150 सेंसिटिव ग्रुप के लिख खतरा
लाल 151 से 200 गंभीर स्थिति
बैगनी 201 से 300 बेहद गंभीर
महरून 301 या अधिक इमरजेंसी हालात
वायु प्रदूषण का बढ़ता स्तर लोगों के लिए खतरनाक है। अब वातावरण में धुंध सी दिखाई देनी लगी है। सांस के रोगियों के लिए यह समय बेहद खराब होता है। ऐसी स्थिति में लोगों को दीपावली पर आतिशबाजी से बचना चाहिए। - डॉ. प्रिंस अग्रवाल, फिजीशियन।
प्रदूषण के मामले में झांसी का स्थिति नोएडा, दिल्ली समेत विभिन्न महानगरों की तुलना में काफी बेहतर है। वहां पर एक्यूआई 400 या उससे अधिक है। जिले में प्रदूषण करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। - निरंजन शर्मा, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी।
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