झांसी मंडल रेल प्रशासन की बीना से भीमसेन तक बगैर रोके मालगाड़ियां दौड़ाने की तैयारी है। हाल ही में इसका प्रयोग भी किया गया था, जिसमें एकल चालक दल के सहारे मालगाड़ी ने 350 किलोमीटर का सफर निरंतरता के साथ तय किया था। इससे उत्साहित होकर रेल प्रशासन ने इस ट्रैक पर ज्यादातर मालगाड़ियों को इसी रफ्तार से दौड़ाने की तैयारी कर ली है।
बीना से झांसी की दूरी 160 किलोमीटर है, जबकि झांसी से भीमसेन की दूरी 190 किलोमीटर है। बीना की ओर से आने वाली मालगाड़ियों को झांसी में रोका जाता है। यहां गाड़ी का चालक दल परिवर्तित किया जाता है। इसके बाद नया चालक दल गाड़ी को भीमसेन तक लेकर जाता है। इसके अलावा अक्सर मालगाड़ियों को सवारी गाड़ी को रास्ता देने के लिए लूप लाइन में डाल दिया जाता है। इससे गाड़ी के गंतव्य तक पहुंचने में विलंब हो जाता है। लेकिन, यह स्थिति ज्यादा दिनों तक रहने वाली नहीं है। रेल प्रशासन ने बीना से भीमसेन तक बगैर रोके मालगाड़ियां चलाने की तैयारी कर ली है।
एक सप्ताह पूर्व यह प्रयोग किया गया था, जो सफल साबित हुआ था। एक ही चालक दल बीना से भीमसेन तक गाड़ी ले गया था। बता दें कि इस ट्रैक पर दोहरी लाइन डालने का काम 90 प्रतिशत तक पूरा हो गया है। जबकि, तीसरी रेल लाइन का काम भी कहीं-कहीं पूरा हो चुका है। इन दो रेल ट्रैकों की मदद से रेल प्रशासन इस रूट पर बगैर रुके गाड़ी दौड़ाएगा। रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि दूसरी और तीसरी लाइन बनने की वजह से सवारी के साथ-साथ मालगाड़ियों की रफ्तार में खासा सुधार आया है। आने वाले दिनों में इसमें और भी बढ़ोत्तरी होगी।