ललितपुर। कभी बारिश और कभी धूप से लगातार बदल रहे मौसम के कारण वायरल और डायरिया के मरीज काफी बढ़ गए हैं। सोमवार को मेडिसिन विभाग के ओपीडी में 350 मरीज आए। इनमें से कई मरीजों को भर्ती करना पड़ा। ऐसे में कॉलेज के वार्ड में सभी 140 बेड भर हुए हैं। इसलिए कई मरीजों का जमीन पर लिटाकर इलाज हो रहा है।
जनपद में लगभग दो सप्ताह से बारिश नहीं हुई है। दिन में भी तेज धूप से उमस भरी गर्मी से लोगों का हाल बेहाल है। इस मौसम में लोग बुखार, खांसी, जुकाम, उल्टी-दस्त आदि बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। इससे मेडिकल कॉलेज में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। सोमवार को मेडिकल कॉलेज में 980 मरीज आए। इनमें अकेले 350 मरीज मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में दिखाने आए। इसमें लगभग 175 से ज्यादा वायरल और डायरिया के मरीज पहुंचे। मरीजों को पर्चा बनवाने के लिए घंटों कतार में लगना पड़ा। इसके बाद ओपीडी में भी मरीजों की लंबी-लंबी लाइनें लगी रहीं। अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार एक सप्ताह पहले जहां 740 मरीज ओपीडी में आ रहे थे। अब करीब 25 फीसदी संख्या बढ़ गई है।
वार्ड में मरीजाें को नहीं हो पा रहे पलंग नसीब
सोमवार को अमर उजाला ने मेडिकल कॉलेज की पड़ताल की। प्रथम तल पर स्थित पीकू वार्ड में सभी पलंगों पर मरीज थे। पलंग न मिलने से छह मरीज जमीन पर लेटे थे, उन्हें ड्रिप लगी हुई थी। किसी मरीज ने रविवार शाम तो किसी ने रात में आने की बात कही, तब से पलंग नहीं मिला है। इसके बाद महिला और सर्जिकल वार्ड में भी कोई पलंग खाली नहीं था। चार मरीज जमीन पर लेटकर उपचार करातीं दिखीं। द्वितीय तल पर स्थित कम्बाइंड वार्ड में एक भी पलंग खाली नहीं दिखा। यहां पर भी दो मरीज जमीन पर लेटे थे, जिन्हें ड्रिप लगी थी। यही नहीं, एक स्टैंड पर दो-दो ड्रिप लटकी दिखीं।
वर्जन..
अस्पताल की ओपीडी में आने वाले 70 मरीजों में 40 बुखार, खांसी व जुकाम के आ रहे हैं। एक सप्ताह में मरीजों की संख्या 25 फीसदी बढ़ गई है। - डॉ. अंबिका दुबे, फिजीशियन, मेडिकल कॉलेज, ललितपुर।