झांसी। बीएड से इस बार भी छात्र-छात्राओं का रुझान कम होता दिख रहा है। सरकारी और सहायता प्राप्त कॉलेजों में प्रवेश के लिए शुरूआती दिनों में तो काउंसलिंग के दौरान छात्रों में होड़ दिखाई दी, मगर अब पूरी तरह से उन्होंने काउंसलिंग से दूरी बना ली है। इससे बीएड कॉलेज संचालकों के माथे पर चिंता की लकीरें छा गई हैं।
सत्र 2016-18 में प्रवेश के लिए बीएड की काउंसलिंग छह जून से शुरू हुई थी। अब तक काउंसलिंग के दस दिन बीत चुके हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो साफ पता चलता है कि बीएड में प्रवेश को लेकर इस बार भी छात्र-छात्राओं में कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई दे रही है। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में 16 जून तक 3612 छात्र-छात्राओं को काउंसलिंग कराने के लिए आना था, लेकिन इनमें से 1665 ही काउंसलिंग कराने के लिए आए।
आंकड़ों से स्पष्ट है कि साठ फीसदी से कम छात्र काउंसलिंग कराने के लिए आए। पिछले साल भी आधे से ज्यादा सीटें बीएड कॉलेजों की खाली रह गई थीं, मौजूदा स्थिति भी कुछ ऐसा ही इशारा कर रही है।
दिन आने थे आए
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पहला 158 113
दूसरा 225 142
तीसरा 339 168
चौथा 355 164
पांचवां 387 172
छठा 305 151
सातवां 454 202
आठवां 455 206
नौवां 480 162
दसवां 454 185
कुल 3612 1665
185 ने कराई बीएड काउंसलिंग
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में बृहस्पतिवार को 110001 से 130000 रैंक तक के 185 छात्र-छात्राओं ने काउंसलिंग कराकर फीस जमा की। काउंसलिग के दसवें दिन 454 छात्र-छात्राओं को बीयू के शिक्षा संस्थान में काउंसलिंग कराने के लिए आना था।
बीयू के काउंसलिंग समन्वयक डॉ. आरके सैनी ने बताया कि बृहस्पतिवार को 192 छात्रों ने टोकन खरीदे और 185 ने दस्तावेजों का सत्यापन कराकर फीस जमा की। अब यह अभ्यर्थी 18 जून तक अपने पसंदीदा कॉलेज की च्वाइस लॉक कर सकेंगे। 19 जून को कॉलेज का आवंटन किया जाएगा।