झांसी। बदलते दाैर में कृषि के परंपरागत तरीके बदल रहे हैं। कृषि क्षेत्र में रोजाना नए प्रयोग और आविष्कार हो रहे हैं। इस क्षेत्र में अवसर भी बढ़े हैं। साथ ही डिग्रीधारियों को खाद व बीज भंडार का लाइसेंस भी मिल जाता है जिससे अपना व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। खास बात यह है कि कृषि संबंधी शोध के क्षेत्र में बेटियों का रुझान ज्यादा बढ़ा है। कृषि विज्ञान स्नातक में प्रवेश लेने वाली छात्राओं का कहना है कि आज खेती में बड़े बदलाव किए जा चुके हैं। कृषि में अब तमाम नई उन्नत तकनीकों का विकास हो रहा है। उन्नत बीजों और पाॅलीहाउस की मदद से कम लागत में मोटा मुनाफा कमाया जा सकता है। यही वजह है कि केंद्रीय विश्वविद्यालय एवं बीयू व संबद्ध काॅलेजों में कृषि विज्ञान के न सिर्फ स्नातक-परास्नातक बल्कि शोध पाठ्यक्रमों में बेटियों की भागीदारी की संख्या बढ़ रही है। कृषि विश्वविद्यालय के शिक्षा निदेशक डॉ. अनिल कुमार बताते हैं कि लड़कों से ज्यादा रुचि पढ़ाई में लड़कियां ले रही हैं, खेती करने के आधुनिक तरीके, बागवानी और पशुपालन में अपनी दिलचस्पी दिखा रही हैं। ब्यूरो