खूबसूरत हुआ वृंदावन लाल पार्क, महिलाओं को मिली ‘पिंक टॉयलेट’ की सौगात
झांसी। स्मार्ट सिटी मिशन योजना के तहत महिलाओं के लिए महानगर में छह स्थानों पर पिंक टॉयलेट बनाने की योजना है। इनमें से बुंदेलखंड महाविद्यालय के सामने बनी पहली पिंक टॉयलेट का बृहस्पतिवार को लोकार्पण हुआ। किले की तलहटी में बने वृंदावन लाल वर्मा पार्क को खूबसूरत बनाया गया है।
महानगर में घर के बाहर महिलाओं को शंका समाधान के लिए खासी परेशानी उठानी पड़ती थी। अलग से उनके लिए कोई व्यवस्था न होने की वजह से उन्हें यहां-वहां भटकना पड़ता था। इस समस्या के समाधान के लिए शहर में छह स्थानों पर पिंक टॉयलेट बनाने की योजना तैयार की गई थी। इसके तहत बुंदेलखंड महाविद्यालय के सामने, कचहरी चौराहे के पास, जिला महिला अस्पताल के सामने, मेडिकल कॉलेज के पास, बस स्टैंड के पास और सीपरी बाजार में ओवरब्रिज के नीचे पिंक टॉयलेट बनाने का काम शुरू किया गया था। इनमें से बुंदेलखंड महाविद्यालय के पास पहली पिंक टॉयलेट बनकर तैयार हो गई है, जिसका बृहस्पतिवार को महापौर रामतीर्थ सिंघल, विधायक रवि शर्मा, मंडलायुक्त कुमुदलता श्रीवास्तव व जिलाधिकारी शिवसहाय अवस्थी की मौजूदगी में लोकार्पण हुआ।
महिलाओं को मिलेंगी ये सुविधाएं
पिंक टॉयलेट में आरओ पानी की व्यवस्था की गई है। पुराने नेपकिन नष्ट करने के लिए इंसुलेटर मशीन लगाई गई है, जिसमें खराब नेपकिन डालने पर वे राख हो जाएंगे। वहीं, नेपकिन वेंडिंग मशीन भी लगाई गई है, जिसमें पांच रुपये का सिक्का डालने पर नया नेपकिन बाहर आ जाएगा। पानी की बर्बादी न हो, इसलिए सभी नलों में सेंसर लगे हुए हैं। दिव्यांग महिलाओं के लिए अलग से सीट लगाई गई है। इसके अलावा एक इंडियन और एक वेस्टर्न पैटर्न की सीट है। साथ ही नहाने के लिए अलग से बाथरूम हैं। सामान रखने के लिए क्लॉक रूम है। बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनके जरिये हर आने जाने वाले का रिकॉर्ड रखा जाएगा। वहीं, पिंक टॉयलेट में बेबी केयर रूम भी होगा, जिसमें महिलाएं अपने बच्चों को स्तनपान करा सकेंगी। पिंक टॉयलेट सोलर लाइट से रोशन होंगे।
प्रकृति के रंगों से सजा डॉ. वृंदावन पार्क
किले की तलहटी में दो दशक पहले डा. वृंदावन लाल वर्मा पार्क का निर्माण किया गया था। लेकिन, अनदेखी के चलते ये खस्ताहाल स्थिति में पहुंच गया था। अब इसका नगर निगम ने 3.40 करोड़ रुपये की लागत से जीर्णोद्धार किया गया। इस काम का बृहस्पतिवार को लोकार्पण हुआ। पहले ही दिन पार्क में जमकर भीड़ उमड़ी। पार्क को प्रकृति के रंगों से सजाया गया है। साढ़े तीन एकड़ के क्षेत्रफल में फैला पार्क हरा भरा है। बीच-बीच में फव्वारे बनाए गए हैं। किले की ओर कोने पर झरना भी बनाया गया है। पार्क के भीतर पेड़ों के बीच से ऊंचे - नीचे और घुमावदार रास्तों से गुजरने पर लोगों को अलग ही अहसास होता है। इसके अलावा उपन्यासकार डा. वृंदावन लाल वर्मा के प्रतिमा स्थल को भी नया रूप दिया गया है। बृहस्पतिवार को लोकार्पण के मौके पर डा. वर्मा के पौत्र रमाकांत वर्मा विशेष रूप से मौजूद रहे।