तीन नमूने मिले थे हानिकारक, खाने से कैंसर तक का हो सकता खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। पिछली होली पर झांसी में मिलावटी खाद्य पदार्थों की खूब बिक्री हुई थी। इसकी पुष्टि खाद्य प्रशासन विभाग की रिपोर्ट करती है। विभाग द्वारा लिए गए 62 फीसदी नमूने फेल हो गए थे। तीन खाद्य पदार्थ तो हानिकारक मिले थे, जिनके सेवन से कैंसर तक का खतरा हो सकता है।
27 में 14 नमूने अधोमानक मिले थे। इसमें रिफाइंड के तीन, पनीर के दो समेत बेसन, बर्फी, मटर नमकीन, लाल मिर्च, नारियल बर्फी के नमूने शामिल हैं। इसके अलावा तीन खाद्य पदार्थ के नमूनों की जांच के बाद प्रयोगशाला ने इन्हें असुरक्षित घोषित कर दिया था। इसमें बेसन का सेव, लड्डू और रंगीन कचरी शामिल हैं। बताया गया कि खाद्य पदार्थों में 100 पीपीएम (पार्ट्स पर मिलियन) तक रंग डाला जा सकता है। मगर बेसन के सेव में 160 पीपीएम तो रंगीन कचरी में 200 पीपीएम से भी अधिक रंग होने की पुष्टि हुई। जिला अभिहित अधिकारी चितरंजन कुमार का कहना है कि जिन खाद्य पदार्थों के नमूने संदिग्ध लगते हैं, उन्हें ही जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाता है। उन्होंने बताया कि पिछले साल भेजे गए नमूनों में 10 पास और 17 फेल हो गए थे। नमूने फेल मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की गई है। होली के मद्देनजर खाद्य पदार्थों के नमूने लेने के लिए अभियान शुरू कर दिया गया है। वहीं, जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. डीएस गुप्ता का कहना है कि खाद्य पदार्थों में निर्धारित से ज्यादा रंग मिला होने से कैंसर हो सकता है। किडनी और लिवर भी खराब हो सकता है।