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बड़े व्यापारियों के सामने छोटा पड़ा नगर निगम

Sat, 23 Dec 2017 12:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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nagr nigam, jhansi news - फोटो : demo
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नगर निगम के अफसर बड़े व्यापारियों का अतिक्रमण हटाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। शुक्रवार को चलाए गए अभियान में नगर निगम की टीम ने आंतिया ताल पर छोटे कारोबारियों, ठेले, खोमचे वालों पर तो कार्रवाई हुई, लेकिन बड़े व्यापारियों का अतिक्रमण नहीं हटाया। शहर के बाजारों में तो टीम घुसी ही नहीं।
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शुक्रवार को अपर नगर आयुक्त के निर्देशन में अभियान चलाया गया। अभियान बीकेडी से शुरू होना था पर खंडेराव गेट से शुरू किया गया। अभियान में खोमचे और फुटपाथी दुकानदारों को खदेड़ कर एक गुमटी को जब्त कर 1,500 रुपये जुर्माना वसूला, लेकिन बाजार की ओर निगाह तक नहीं घुमाई। ऐसा ही कुछ माजरा आंतिया तालाब के व्यापारियों के लिए भी था। सूत्रों की माने तो नगर निगम टीम को आंतिया तालाब से अभियान शुरू करने का सुझाव दिया गया था पर बात को घुमा दिया गया।
सोमवार को कोतवाली में हुई बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट ने तय किया था कि नगर निगम और पुलिस की टीम अतिक्रमण हटवाएगी। कार्रवाई न होने पर सिटी मजिस्ट्रेट ने दोबारा निर्देश जारी किए पर किसी के कान पर जूं नहीं रेंगा। इधर, अपर नगर आयुक्त सिटी मजिस्ट्रेट के पाले में गेंद डाल कर मामले से दूरी बना ली।
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मीटिंग का लिया बहाना
नगर निगम के अपर नगर आयुक्त रोहन सिंह ने मीटिंग का बहाना बनाया। उन्होंने कहा कि मीटिंग में शामिल होने था इसलिए अभियान नहीं चला सका।

इंतजार ही करता रहा
पुलिस दिन भर नगर निगम की टीम का इंतजार करती रही, लेकिन कोई भी नहीं आया। नगर निगम की ओर से नहीं आने की सूचना भी नहीं दी गई।
अजय पाल सिंह, कोतवाली प्रभारी

बैठक में गूंजा अतिक्रमण का मुद्दा
नगर निगम की बैठक में अतिक्रमण का मुद्दा जमकर गूंजा। बैठक में अतिक्रमण हटाने के निर्देश भी दिए गए। मौजूदा अधिकारियों ने अपने को पाक साफ बताते हुए नियमित और ईमानदारी के साथ अभियान चलाने की जानकारी दी। कई क्षेत्रों में लगातार होने वाले अतिक्रमण को हटाने पर चर्चा हुई पर महापौर ने बाजार से अतिक्रमण हटाने पर किसी भी प्रकार से कोई चर्चा नहीं की।

होने लगी राजनीति
उप्र उद्योग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष अशोक जैन सोशल मीडिया पर अतिक्रमण करने वालों के साथ में खड़े नजर आ रहे हैं। उन्होंने खोमचे वालों का दर्द बयां किया और महापौर से उन्हें स्थायी दुकानें दिलाने की अपील की। बता दें कि नवनिर्वाचित महापौर शपथ लेने के पूर्व तक उपरोक्त व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष थे।

नहीं हटीं अवैध होर्डिंग
नगर निगम के अधिकारी कितनी भी सफाई से सफाई दें पर उनके काम में कहीं न कहीं खोट है। नगर निगम ने खंडेराव गेट से अतिक्रमण और अवैध होर्डिंग हटा दीं पर पंचकुइयां के सामने लगीं दो अवैध होर्डिंग को हटा नहीं गया। जबकि पंद्रह दिन पहले अपर नगर आयुक्त, विधायक रवि शर्मा ने होर्डिंग को अवैध बताते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया था। महापौर ने तो उक्त होर्डिंग की जांच कराने का आदेश दिया था। बावजूद होर्डिंग का न हटाना नगर निगम के अधिकारियों पर सवाल खड़े कर रहा है। इसमें से एक होर्डिंग महापौर को बधाई देने वाली है।


असर कम हो रहा है
सोमवार को चेतावनी के बाद कारोबारी भयभीत हो गए थे और अपने दायरे में रह कर कारोबार कर रहे थे। तीन दिन बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर स्थितियां दोबारा बिगड़ गईं।
 बृजमोहन, मोबाइल विक्रेता
 
कब होगी कार्रवाई
चेतावनी के बाद अब तक कार्रवाई नहीं हुई। कई कारोबारियों को इसका इंतजार है। कार्रवाई के बाद से कई व्यापारियों को नुकसान होने का डर है तो कई को राहत मिलने का इंतजार।
शिवम अग्रवाल, इलेक्ट्रानिक्स पार्ट्स विक्रेता

आज हटा, कल जमेगा
नगर निगम की कार्रवाई का कोई असर नहीं होता। जहां-जहां अभियान चला, वहां पर अगले दिन नहीं बल्कि कुछ ही घंटों में दोबारा अतिक्रमण हो गया। इसके लिए सख्ती से से पेश आना होगा।
दीपक, इलाइट निवासी

कोई असर नहीं होगा
नगर निगम कितने भी दाव फेंक ले पर अतिक्रमण को नहीं हटा सकेगी। लापरवाही और जुगलबंदी के कारण यह संभव है। यदि एक बार कड़ाई से कार्रवाई हो जाए तो समस्या कुछ हद तक दूर होगी।
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सैरभ, इलाइट निवासी
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