झांसी। बबीना ब्लॉक प्रमुख के लिए ताल ठोंक रहे क्षेत्र पंचायत सदस्य राज यादव ने जन्म तिथि में गड़बड़ी सामने आई है। वोटर लिस्ट में भी उनका नाम चार जगह पाया गया है। शिकायत के बाद हुई जांच में आरोप साबित होने के बाद क्षेत्र पंचायत सदस्य की सदस्यता खतरे में पड़ गई है। साथ ही मामले में गड़बड़ी बरतने के आरोप में एक लेखपाल को निलंबित कर दिया गया।
हाल ही में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में बबीना ब्लॉक के रसोई ग्राम पंचायत से राज यादव पुत्र चरण सिंह यादव ने क्षेत्र पंचायत सदस्य के रूप में जीत हासिल की। परिणाम घोषित होने के बाद कालीचरन निवासी बड़ौरा ने जिलाधिकारी से राज यादव पर जन्मतिथि में गड़बड़ी करने के साथ ही मतदाता सूची में गलत तरीके से नाम दाखिल कराने का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। जिलाधिकारी ने परियोजना अधिकारी, नेडा एवं एसडीएम झांसी से पूरे मामले की जांच कराई। जांच में गड़बड़ी की पुष्टि हो गई। जांच में मालूम चला कि निर्वाचन नामावली के अंतिम प्रकाशन 22 जनवरी के बाद राज यादव एवं उनके पिता चरन सिंह यादव ने बड़ौरा ग्राम पंचायत में अपना नाम दर्ज कराया। दोनों इस ग्राम पंचायत के सामान्य निवासी नहीं पाए गए, जबकि स्थानीय निर्वाचन में उस ग्राम पंचायत का सामान्य निवासी होना अनिवार्य होता है। उनका पता 178 सीपी मिशन कंपाउंड पाया गया। राज पर दिल्ली समेत कई जगह से मतदाता सूची में शामिल होने का आरोप है। इसी तरह जन्मतिथि में भी फर्जीवाड़ा करके राज ने अपनी उम्र 21 वर्ष दिखाई, जबकि चुनाव के दौरान उसकी उम्र 20 वर्ष थी। राज ने नामाकंन के दौरान अपनी जन्मतिथि 10 फरवरी 2000 बताई जबकि अन्य दस्तावेजोें में उसकी उम्र 10 फरवरी 2001 दर्ज है। जांच पड़ताल के दौरान अधिकारियों ने अभिलेखों में छेड़छाड़, फर्जी अभिलेख तैयार करके कूट रचित कृत्य करने की जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंप दी। रिपोर्ट चुनाव आयोग को भेज दी गई है। फर्जीवाड़े की पुष्टि के बाद राज यादव की सदस्यता पर तलवार लटक गई। जांच अधिकारी उपजिलाधिकारी सदर शशिभूषण के मुताबिक जांच में गड़बड़ी की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी गई है।
गड़बड़ी के आरोप में लेखपाल निलंबित, दो से जवाब-तलब
इस फर्जीवाड़े के प्रकाश में आने के बाद बडौरा से लेखपाल नंदकिशोर को निलंबित कर दिया गया जबकि एक अन्य लेखपाल संतोष गौर एवं राजस्व निरीक्षक संतोष कुशवाहा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जांच में लेखपाल नंदकिशोर की भूमिका संदिग्ध पाई गई। गलत तरीके से नाम जोड़े जाने के पर लेखपाल नंदकिशोर ने पहले अनभिज्ञता जताई, लेकिन बाद में उसी से बने निवास प्रमाण पत्र एवं जाति प्रमाण पत्र सामने आने के बाद उस पर गाज गिर गई।
हमारे परिवार के खिलाफ राजनीतिक षड्यंत्र रचा जा रहा है। एक परिवार विशेष नहीं चाहता कि हम लोग चुनाव में हिस्सा लें, इसके लिए झूठी शिकायतें कराई जा रही हैं। प्रशासन ने भी हम लोगों का पक्ष नहीं सुना। हम लोगों ने कोई भी गड़बड़ी नहीं की है। हमारे पास सभी प्रमाण हैं। हम लोग अपने सभी दस्तावेज समय पर पेश करेंगे।
चरण सिंह यादव बीडीसी सदस्य एवं राज यादव के पिता