महीने में पांच दिन बच्चों को मिलेंगे फल
झांसी। बेसिक शिक्षा विभाग ने सरकारी व अनुदानित प्राइमरी व उच्च प्राइमरी स्कूलों में दिए जाने वाले मध्याह्न भोजन के मेन्यू में परिवर्तन किया है। अब महीने में पांच दिन बच्चों को फल दिए जाएंगे।
अभी तक प्रत्येक सोमवार को ही बच्चों को फल दिए जाते हैं लेकिन, अब हर माह के आखिरी बृहस्पतिवार को भी उन्हें फल दिए जाएंगे। जिले में एक लाख 42 हजार विद्यार्थियों को मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराया जाता है। सरकारी प्राइमरी व उच्च प्राइमरी स्कूलों के अलावा अनुदानित स्कूलों में भी मध्याह्न भोजन प्राधिकरण की ओर से विद्यार्थियों को भोजन उपलब्ध कराया जाता है। इनमें सोमवार को फल, बुधवार को दूध दिया जाता है। ताकि उन्हें पौष्टिक आहार नियमित मिलता रहे। अब भारत सरकार के निर्देश पर इन सभी प्रत्येक स्कूलों में महीने के आखिरी गुरुवार को मौसमी फल दिए जाएंगे। अब बच्चों को केला, सेब, नाशपाती, अमरूद आदि फल दिए जाएंगे। शासन ने फल वितरण के लिए 76 लाख रुपये आवंटित किए हैं। हालांकि यह धनराशि बीते पांच माह की है, जिनमें फल वितरित हो चुके हैं। प्रत्येक विद्यार्थी को चार रुपये फल के लिए प्राधिकरण देता है। बीएसए हरिवंश कुमार के अनुसार प्रत्येक सोमवार और माह के आखिरी गुरुवार को फल विद्यार्थियों में दिए जाएंगे।
सुनील को मिला मऊरानीपुर का प्रभार
बीएसए ने बंगरा के खंड शिक्षाधिकारी सुनील राजपूत को मऊरानीपुर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। अभी तक यह प्रभार खंड शिक्षाधिकारी मुख्यालय राजकुमार विश्वकर्मा के पास था। इसके साथ ही गुरसराय व मऊरानीपुर के एक - एक लिपिक का स्थानांतरण किया है।