शनिवार की दोपहर मौसम का मिजाज एकाएक बदल गया। तेज आंधी के साथ बारिश हुई। इससे तापमान में गिरावट आई, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। मौसम के बदलाव से जनजीवन भी खासा प्रभावित हुआ। बिजली के तारों पर पेड़ गिरने की वजह से कई इलाकों की घंटों बिजली आपूर्ति ठप रही। देर रात तक बिजली दुरुस्त की जाती रही। मौसम विभाग ने आगे भी बादल छाने की संभावना जताई है।
पिछले दो सप्ताह से गर्मी का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचने से चटक धूप और गर्मी से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। शनिवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री रहा। सुबह 11 बजे से ही झुलसाने वाली धूप निकल आई थी। ऐसे में घरों से जरूरत पड़ने पर ही लोग बाहर निकले। दोपहर में सड़क, बाजारों आदि में काफी कम चहलपहल दिखी।
दोपहर लगभग ढाई बजे से मौसम का मिजाज बदलना शुरू हुआ। पौने तीन बजे से तेज आंधी चलने लगी। कुछ ही देर में बारिश शुरू हो गई। हवाओं की रफ्तार बहुत अधिक होने की वजह पानी भी तेज बरसा। 15 मिनट बाद बारिश रुकी लेकिन तेज हवाएं चलती रहीं। कुछ ही देर में फिर बूंदाबांदी होने लगी। शाम पांच बजे तक बीच-बीच में बारिश होती रही। इससे तापमान में पांच डिग्री तक की गिरावट आई। शाम को तापमान 38 डिग्री सेल्सियस रहा।
आंधी की वजह से कई जगहों पर नुकसान भी हुआ। ग्वालियर रोड समेत कुछ स्थानों पर पेड़ टूट गए। इसके अलावा कई जगहों पर बिजली के खंभे, तार भी टूटे। इससे विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। मौसम विभाग ने आगे के दिनों में भी बादल छाने की संभावना जताई है। हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है।
कई स्थानों पर जल भराव
शनिवार को हुई बारिश की वजह से शहर के इलाकों में जल भराव हुआ। सुभाष गंज से सटी मावा मंडी में नालियां जाम होने की वजह से पानी सड़क पर बहता दिखा, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी उठानी पड़ी। उल्लेखनीय है कि अभी शहर के नालों की सफाई नहीं हुई है। नाले गंदगी से बजबजा रहे हैं, जिससे पहली ही बारिश में ओवरफ्लो की स्थिति बन गई।