पुलिस महानिरीक्षक डिफेंस लखनऊ अमिताभ ठाकुर ने कहा कि यूपी में वार्डन/ फायर फाइटरों को मिलने वाला मानदेय अव्यवहारिक है। कर्नाटक में 400 व मध्यप्रदेश में 360 रुपये प्रतिदिन मिलते हैं, जबकि यूपी में 36 रुपये। यहां के वार्डन को भी सम्मानजनक मानदेय मिल सके, इसके लिए वह भारत सरकार से पत्राचार कर रहे हैं। उन्होंने मंगलवार को विकास भवन सभागार में पत्रकारों से यह बात कही।
उन्होंने कहा कि वार्डन का बीमा हो, इस पर भी पत्राचार चल रहा है। पुलिस सत्यापन को लेकर वार्डन परेशान रहते हैं। इसके लिए वह एसपी व डीआईजी को पत्र लिख रहे हैं, ताकि वार्डन की दिक्कतें दूर हो सकें। एक सवाल पर उन्होंने कहा कि वार्डन और आम लोगों के बीच जो संवाद में कमी है, उसे दूर करने के लिए प्रचार प्रसार पर जोर दे रहे हैं। उद्देश्य है कि नागरिक सुरक्षा कोर शहरों में नहीं अपितु पूरे प्रदेश में अपना काम करे और हर व्यक्ति उनको पहचाने।
इसके उपरांत उन्होंने नागरिक सुरक्षा के झांसी के वार्डन/ फायर फाइटरों की बैठक ली, जिसमें लोकल स्तर पर वार्डंस की समस्याओं को जाना।
साथ ही उप नियंत्रक मुनेश कुमार गुप्ता व वरिष्ठ सहायक उप नियंत्रक मनोज वर्मा को समस्याओं का निस्तारण करने के लिए निर्देशित किया। इस मौके पर चीफ वार्डेन बालकिशन कुशवाहा, डिप्टी चीफ वार्डेन नरेंद्र कुमार रायकवार, डिवीजनल वार्डेन अतुल किलपन, अंबिका प्रसाद श्रीवास्तव, संजीव साहू, कौशल किशोर गुप्ता, प्रगति शर्मा, उमाचरण गुप्ता, रामकुमार अग्रवाल, संदीप नछोला, पीयूष शर्मा, संतोष वर्मा, अनूप वर्मा, जावेद खान, योगेश मौजूद रहे। संचालन वरिष्ठ सहायक उपनियंत्रक मनोज वर्मा व आभार डिवीजनल वार्डेन विनय सिजरिया ने व्यक्त किया।
चार कर्मचारी मिले गैर हाजिर
पुलिस महानिरीक्षक डिफेंस लखनऊ अमिताभ ठाकुर ने झांसी कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान एक कर्मचारी बिना सूचना के गैर हाजिर मिला। जबकि तीन कर्मचारियों को बिना आदेश के दूसरी जगह संबद्ध कर रखा था। इस पर उन्होंने चारों कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए।
नूतन ठाकुर ने कोर्ट में रखा पक्ष
अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम के समक्ष मानहानि के मामले में नूतन ठाकुर ने अपना पक्ष रखा।
पुलिस महानिरीक्षक डिफेंस लखनऊ अमिताभ ठाकुर की पत्नी नूतन ठाकुर ने साल 2014 में तत्कालीन खनिज मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति की अवैध खनन को लेकर लोकायुक्त से शिकायत की थी। शिकायत में उन्होंने लिखा था कि इसमें कई स्थानीय लोगों की भूमिका भी सकती है। इस पर जितेंद्र प्रजापति ने नूतन ठाकुर के खिलाफ न्यायालय में मानहानि का वाद दायर किया था। मंगलवार को नूतन ठाकुर ने अपना पक्ष रखा।