कोरोना जांच रिपोर्ट में लेटलतीफी जनता पर भारी पड़ रही है। ध्यानचंद स्टेडियम के सामने स्थित एसबीआई बैंक की कर्मचारी का दस जुलाई को जांच के लिए सैंपल लिया गया था। बुधवार को आई रिपोर्ट में वह पॉजिटिव मिली। वह लगातार बैंक जाती रहीं। सूचना मिलते ही बृहस्पतिवार को सभी बैंक कर्मचारियों की सैंपलिंग हुई। वहीं, दो दिनों तक के लिए बैंक को बंद कर दिया गया।
झांसी में बेकाबू हो चुके कोरोना वायरस के चलते जांच सैंपलिंग का दायरा बढ़ा दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की 12 टीमें सैंपलिंग के लिए लगाई गई हैं। यह टीमें खासकर हॉटस्पॉट और कंटेनमेंट क्षेत्रों में सैंपल ले रही हैं। सैंपल तो खूब लिए जा रहे हैं लेकिन उनकी जांच रिपोर्ट में एक सप्ताह तक का समय लग रहा है। दो दिन पहले ही सिंधी चौराहा निवासी महिला के सैंपल लेने के सातवें दिन जांच रिपोर्ट आई थी। बृहस्पतिवार को अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाषित भी किया था। अब फिर से ऐसा ही मामला सामने आया है।
ध्यानचंद स्टेडियम के सामने स्थित एसबीआई बैंक की महिला कर्मचारी पॉजिटिव मिली है। वह केवाईसी काउंटर पर तैनात थीं। बताया गया कि महिला का सैंपल 10 जुलाई को लिया गया था और रिपोर्ट 15 को आई। सोमवार से महिला लगातार ड्यूटी जाती रहीं। जब उनके कोरोना पॉजिटिव होने की जानकारी मिली तो बैंक में हड़कंप मच गया। बैंक के कर्मचारियों की स्क्रीनिंग से लेकर सैंपलिंग तक हुई।
इसके बाद दो दिनों तक के लिए बैंक को बंद कर दिया गया। अब बड़ा सवाल यह उठता है कि पांच से सात दिनों में रिपोर्ट आएगी तो कैसे कोरोना के मामले थमेंगे। रिपोर्ट आने तक संबंधित व्यक्ति सामान्य तौर पर बाहर निकलता रहता है और न जाने कितनों को और संक्त्रस्मित कर देता है। यदि ऐसा ही हाल रहा तो सैंपलिंग का दायरा बढ़ाने का कोई फायदा नहीं होगा।
पीएमओ से लेकर सीएमओ तक ट्वीट
झांसी में कोविड सैंपलों की जांच रिपोर्ट आने का मामला अमर उजाला द्वारा उठाने के बाद प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय तक खबर को ट्वीट किया गया है। ट्वीट करने वाले विनोद सब्बरवाल ने मांग की है कि झांसी में जांच रिपोर्ट जल्द से जल्द आए, तभी कोरोना की रोकथाम संभव हो सकेगी।