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विलय के विरोध में आए बैंक कर्मचारी

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bank employee - फोटो : demo
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बैंकों के विलय को लेकर मुख्य श्रम आयुक्त के समक्ष हुई वार्ता विफल रही। इस पर समस्त बैंक कर्मचारियों ने स्टेशन रोड स्थित पीएनबी के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया तथा 26 को हड़ताल पर रहने का निर्णय लिया।  
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यूनाईटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के उप संयोजक अनिल खत्री कहा कि बैंक ऑफ बड़ौदा, विजया और देना बैंक के विलय को लेकर बैंक कर्मचारी विरोध कर रहे थे। क्योंकि, हाल ही में एसबीआई के विलय से कई हजार कर्मचारी व अधिकारियों का हस्तांतरण हुआ और कई शाखाएं बंद हो गईं। इस प्रक्रिया में समस्याओं का सामना करना पड़ा। संयोजक अशोक महावर ने सरकार को चेताया कि राष्ट्रीयकृत बैंकों की मुख्य समस्या का समाधान विलय नहीं बल्कि खराब ऋण वसूली है। सरकार को कॉर्पोरेट एनपीए खातों की रिकवरी में सहयोग करना चाहिए पर इसके विरीत काम हो रहा है।
ज्ञानेंद्र मोहन अवस्थी ने चेताया कि यदि विलय का प्रस्ताव सरकार ने वापस नहीं लिया तो यूनाईटेड फोरम द्वारा आंदोलन व अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे। भान सिंह ने कहा कि अमेरिका जैसे विकसित देश में जहां बैंकों का विलय एक विफल नीति साबित हुई वहां भारत जैसे विकासशील देशों में विलय कैसे संभव है। प्रदर्शन में वीके मेहता, विनय कृष्णा, राजेश, सिद्धार्थ, नरेंद्र कुमार, मयंक पाठक, आरके सब्रवाल, सुधीर त्रिपाठी, सुनील कुमार दुबे, सुमित गुप्ता, मोहित अग्रवाल मौजूद रहे।
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