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Jhansi News: निजीकरण के खिलाफ बैंक, बिजली समेत बीमा कर्मियों की हुंकार

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अमर उजाला ब्यूरो

झांसी। निजीकरण सहित अन्य सरकारी नीतियों के खिलाफ बैंक, बिजली एवं बीमा क्षेत्र में काम करने वाले हजारों कर्मचारी बृहस्पतिवार को एक दिन की हड़ताल पर रहे। बैंकों में कामकाज काफी हद तक प्रभावित रहा। इंडियन बैंक समेत कई बैंकों में नकद लेनदेन प्रभावित हुआ हालांकि क्लियरिंग हाउस खुले होने से चेक निस्तारण पर प्रभाव नहीं पड़ा। उधर, बीमा और बिजली कर्मियों ने भी सरकारी नीति के विरोध में लामबंद होकर प्रदर्शन किया।



राष्ट्रीयकृत बैंकों में ऑल इंडिया बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन के बैनर तले एआईबीईए, एआईबीओए, बेफी समेत अन्य संगठनों के सदस्य हड़ताल में शामिल हुए। बुधवार दोपहर सिविल लाइंस स्थित इंडियन बैंक शाखा कार्यालय पर बैंककर्मियों ने सभा की। जिला मंत्री अशोक महावर ने निजीकरण को बंद करके बीमा कंपनियों को मजबूत करने की जरूरत बताई। उन्होंने वित्तीय संस्थानों में पर्याप्त भर्ती सुनिश्चित करने की मांग की। महिला प्रकोष्ठ संयोजिका शिखा प्रियदर्शिनी ने पांच दिवसीय बैंकिंग लागू करने की मांग की। सहायक मंत्री माधवी ने बैंकों में आउटसोर्सिंग और अनुबंध की नौकरियों पर रोक लगाने की मांग की। संयुक्त मंत्री सुशील साहू ने आउटसोर्सिंग समेत अनुबंध की नौकरियों पर रोक लगाने के साथ पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग की। संगठन मंत्री रोहित लाल ने खराब ऋणों को वसूलने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत बताई। सभा में जेके गुप्ता, अमित साहू, धर्मेंद्र यादव, दीपेश माहौर, प्रमोद दूबे, ईशान अली, पंकज कुमार, धीरेंद्र रायकवार, यशपाल सिंह, अभिषेक यादव, भुवन मोहन, कौशल किशोर, प्रवीण कुमार, धर्मेंद्र कुमार, आजाद कुमार आदि कर्मचारी मौजूद रहे।
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वहीं, एलआईसी शाखा ने भी हड़ताल में शामिल होकर कामकाज ठप रखा। कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए सभा की। बीमाकर्मियों ने बीमा क्षेत्र में 100 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश पर कड़ा विरोध जताया। नए लेबर कोड वापस लेने की मांग की। इस दौरान हरिशंकर सोनी, अनिता पांडेय, ओजस्वनी, आनंद गोविंद भावे, बलराम गौतम, अनिकेत गुप्ता, जमुना प्रसाद, सुरेंद्र सोनी समेत अन्य मौजूद रहे।




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