झांसी। सातवें वेतन आयोग को लागू करने तथा श्रम कानून में बदलाव सहित विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को जिला संयुक्त ट्रेड यूनियन के बैनर तले बैंक, बीमा सहित सरकारी व निजी क्षेत्र के कर्मचारियों ने हड़ताल की। हड़ताल के कारण बैंकों में दो सौ करोड़ का लेनदेन प्रभावित रहा। भारतीय स्टेट बैंक के कर्मचारी हड़ताल में शामिल नहीं रहे। वहीं, श्रमिकों की हड़ताल का असर आंशिक ही रहा।
आल इंडिया बैंक इंप्लॉइज यूनियन के अध्यक्ष अशोक कुमार महावर के नेतृत्व में सभी सरकारी बैंकों के कर्मचारी एसबीआई की मुख्य शाखा पर एकत्र हुए और वहां से वाहन रैली की शक्ल में बीकेडी चौराहा, जीवनशाह, इलाइट चौराहा होते हुए एलआईसी ऑफिस प्रांगण में पहुंची। यहां जिला संयुक्त ट्रेड यूनियन समन्वय समिति की आम सभा में सभी शामिल हुए। आम सभा की अध्यक्षता करते हुए जेएन पाठक ने कहा कि सरकार की नीतियां श्रम विरोधी हैं। अगर सरकार ने श्रमिक संगठनों की मांगे पूर्ण नहीं की तो आगामी चुनाव में गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इस मौके पर आरपी गुप्ता, पीके सिरौठिया, महेश दीक्षित, हाकिम सिंह यादव, राजकुमार निगम, केएस सिरौठिया, मुलायम सिंह राजपूत, मनोरंजन द्विवेदी, सीके पाठक, सौरभ व्यास, दिनेश नारायण श्रीवास्तव, हरीमोहन शर्मा, लखनलाल यादव, प्रसून तिवारी, ओमप्रकाश निरंजन, कामता प्रसाद, अखिलेश मिश्रा, बीडी कुशवाहा, पीके जैन, श्रीकृ ष्ण व्यास, राजेश कुशवाहा, भारत सिंह, लक्ष्मी देवी गोस्वामी, विमलेश तिवारी, संगीता सिंह, ममता यादव, राजेन्द्र प्रसाद कुशवाहा, रामचरन अहिरवार, भगवान दास पहलवान उपस्थित रहे।
कर्मचारी संगठनों की ये हैं मांगें
- पुरानी पेंशन को बहाल किया जाए
- सातवें वेतनमान की विसंगतियां दूर की जाएं
- न्यूनतम वेतनमान 18,000 किया जाए
- सींचपालों का पे-वेण्ड बढ़ाया जाए
- आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को राज्य कर्मचारी घोषित किया जाए
- श्रम कानून में प्रस्तावित बदलाव रोका जाए
- एसबीआई में सहयोगी बैकों के विलय क ो रोका जाए
- कॉरपोरेट बकायेदारों से ऋण बसूला जाए
ये संगठन रहे शामिल
बीएसएनएल इम्प्लाइज यूनियन
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद
उप्र राज्य कर्मचारी महासंघ
यूपी बैंक इम्प्लाइज यूनियन
राजकीय नर्सेज संघ उप्र
उप्र नर्सेज फ्रंट
उप्र लेखपाल संघ
डाक कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति
नार्थ सेन्ट्रल रेलवे इम्प्लाइज संघ
मिनिस्टीरियल एसोसिएशन इरिगेशन डिपार्टमेंट उप्र
यूपी एजूकेशनल मिनिस्ट्रीयल ऑफीसर्स एसोसिएशन
इनकम टैक्स इम्प्लॉइज फेडरेशन
ओरिएंटल इंश्योरेंस इंप्लॉइज संघ
मेडिकल रिप्रजेंटेटिव संघ
झांसी। अपनी मांगों के समर्थन में शुक्रवार को रोडवेज कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इसमें ड्राइवर भी शामिल रहे। इस कारण बसों का आवागमन प्रभावित रहा। रात 12 बजे शुरू हुई हड़ताल शुक्रवार की दोपहर समाप्त हो गई।
यूपी रोडवेज इंपलाइज यूनियन के आह्वान पर रात 12 बजे बसों के पहिये जाम कर दिए गए। झांसी से सुबह 11 बजे तक सिर्फ चार से पांच बसे ही संचालित हो सकी, जो लखनऊ, गरौठा आदि जिलों के लिए दौड़ाई गईं। हालांकि हमीरपुर, कानपुर, औरेया, इटावा की तरफ से बसें दोपहर बाद आईं। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक राम लवट ने बताया कि हड़ताल से रोडवेज के बस संचालन में मामूली फर्क पड़ा है। प्रतिदिन 60 - 65 बसें चलती थी। लेकिन आज 40 से 45 बसे ही संचालित हुई हैं। सुबह 10 से 12 बजे के बीच हड़ताल समाप्त होने से रोडवेज बसों का संचालन शुरू हो गया।
इधर यूनियन के क्षेत्रीय मंत्री तौकीर हबीब ने हड़ताल को पूरी तरह प्रभावी बताया। उनके अनुसार चक्का जाम हड़ताल 12 घंटे चली। विभागीय हित में 12 बजे के बाद बसों का संचालन प्रारंभ कर दिया गया।
मांगें
उत्तर प्रदेश के समस्त मार्गों को राष्ट्रीय कृत किया जाए। संविदा कर्मचारियों को नियमित किया जाए। बसों की संख्या बढ़ाई जाए और खाली पदों पर स्थायी भर्ती की जाए। संविदा भर्ती प्रथा को समाप्त किया जाए। पेंशन की धनराशि बढ़ाई जाए।
कई अभ्यर्थी नहीं आ सके हड़ताल के चलते
उत्तराखंड से सेना में भर्ती का टेस्ट देने झांसी आए अश्वनी के मुताबिक सरकारी बसोें के नहीं चलने से कई अभ्यर्थी तय समय पर नहीं आ पाए है। कई अभ्यर्थी ट्रेनों और निजी बसों से आए।
निजी बसों की रही चांदी
सरकारी बसों का संचालन प्रभावित होने पर निजी बसों की चांदी रही। गरौठा, ललितपुर, समथर, उरई सहित विभिन्न क्षेत्रों के लिए दौड़ने वाली बसें शुक्रवार को यात्रियों से ठसाठस रहीं।