झांसी। जिला कारागार में बुंदेलखंड के कुख्यात अपराधी आम बंदियों की तरह बैरकों में नहीं रहेंगे। ऐसे अपराधियों को अब जिला कारागार में बनाई जा रही तन्हाई बैरकों में रखा जाएगा। इनमें अलग से फोर्स तैनात किया जाएगा। कारागार में बैरक बनाने का काम शुरू कर दिया है।
जिला कारागार ओवरलोड कैदियों की संख्या से जूझ रहा है। ऐसे में हर समय बैरकों में खतरा बना रहता है। कुख्यात व प्रभावशाली कैदियों के गुटों को देखते हुए जिला कारागार में तन्हाई बैरकें बनाने का काम शुरू कर दिया है। इस तन्हाई बैरक में झांसी समेत बुंदेेलखंड के कुख्यात कैदियों को रखा जाएगा। तीन महीने में तन्हाई बैरकें बनकर तैयार हो जाएगी। जेल की अन्य बैैरकों की अपेक्षा तन्हाई बैरक की लंबाई व चौड़ाई बहुत कम होती है। कुख्यात अपराधियों की सूची भी बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। इन बैरकों के बाहर अलग से फोर्स तैनात कर निगरानी भी जाएगी।
अस्थायी जेल में बना अस्पताल, लक्षण वाले बंदी रखे जाएंगे
झांसी। नेशनल हाफिज सिद्दीकी इंटर कॉलेज में बनाई गई अस्थायी जेल के साथ-साथ अस्पताल भी बनाया गया है। लक्षण वाले बंदियों को इसमें रखकर इलाज कराया जाएगा। अस्थायी जेल में जिला कारागार की तरह जेल मैन्युलों का सख्ती से पालन कराया जाने लगा है। यहां इंट्री के बाद ही बंदी अंदर जा रहे हैं। इसके बाद शारीरिक दूरी के नियम का पालन करते हुए एक कमरे में चार बंदियों को रखा गया है। शुक्रवार को अधिकारियों ने अस्थायी जेल का निरीक्षण कर जायजा लिया। शुक्रवार को दूसरे दिन छह बंदी पहुंचे। सभी की कोरोना जांच के लिए सैंपल लिया गया। बृहस्पतिवार को पहुंचे छह और बंदियाें की जांच हुई थी, लेकिन शुक्रवार शाम तक उनकी भी रिपोर्ट नहीं आ सकी। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही सभी को जिला कारागार भेजा जाएगा।