झांसी। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की अदालत ने अलग-अलग घटनाओं में शामिल पॉक्सो एक्ट के दो आरोपियों की जमानत अर्जियों को नामंजूर कर दिया है। जमानत के लिए दोनों की ओर से दी गईं दलीलों को खारिज कर अदालत ने ये फैसला सुनाया है।
विशेष लोक अभियोजक (पोक्सो) चंद्रप्रकाश शर्मा ने बताया कि एक महिला की ओर से थाना चिरगांव में 25 सितंबर 2019 को रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जिसमें उसने बताया था कि 15 सितंबर को वो खेत पर गई हुई थी। शाम तकरीबन चार बजे वो घर लौटी तो 16 वर्षीय पुत्री गायब मिली। पुलिस द्वारा की गई विवेचना में नई बस्ती निवासी मु. हारुन के पुत्र जमाल का नाम सामने आया था। अभियुक्त की ओर से न्यायालय में जमानत के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था, जिसे खारिज कर दिया गया है। वहीं, सीपरी बाजार थाने में एक व्यक्ति द्वारा मुकदमा दर्ज कराया गया था, जिसमें उसने बताया था कि उसके परिवार के एक नाबालिग लड़के से बैंकर्स कॉलोनी निवासी विजय राज वर्मा ने संपर्क किया था। 14 मई 2017 को घर में स्थित कोचिंग में पढ़ाई के बहाने बुलाया था। यहां जबरदस्ती शराब पिलाकर उसके साथ गलत काम किया था। इस मामले के आरोपी ने जमानत के लिए अदालत में प्रार्थना पत्र पेश किया था, जिसे पूरी सुनवाई के बाद अदालत ने खारिज कर दिया।