झांसी।
केंद्र सरकार द्वारा बुंदेलखंड पैकेज के अंतर्गत बजट उपलब्ध नहीं कराने के
कारण बबीना नहर प्रणाली अब राज्य सरकार पर आश्रित हो गई है। सिंचाई विभाग
के लखनऊ मुख्यालय के अफसरों ने बजट की फाइल को अपने स्तर पर स्वीकृति देने
के बाद शासन के पास भेज दिया है।
बबीना नहर प्रणाली को पूर्ण करने के
लिए 24 सितंबर 2014 को बुंदेलखंड पैकेज के तहत 187.06 करोड़ की योजना को
स्वीकृति दी गई। योजना को पूरा करने का टेंडर हैदराबाद की कंपनी श्री
अवंतिका कांट्रेक्टर को दिया गया। इसके क्रियान्वयन के लिए केंद्र सरकार को
150 करोड़ व 37 करोड़ राज्य सरकार को देने थे। राज्य सरकार अपने हिस्से के
पंद्रह करोड़ रुपये दे चुकी है, जिसमें आधे किसानों की रजिस्ट्री हो चुकी
है।
साथ ही खुदाई काम भी शुरू हो गया है। चूंकि, केंद्र सरकार ने इस बार
बुंदेलखंड पैकेज की किसी भी योजना को बजट नहीं दिया है, इस कारण अब इस
योजना को पूरा करने के लिए सिंचाई विभाग ने राज्य सरकार से बजट मांगा है।
मुख्य अभियंता लखनऊ स्तर पर मंजूरी मिलने के बाद बजट की फाइल को शासन के
पास भेज दी गई है। इस संबंध में मुख्य अभियंता परियोजना वी के गुप्ता ने
बताया कि जल्द ही राज्य सरकार से बजट मिलने की उम्मीद है। बजट मिलते ही आगे
का काम शुरू हो जाएगा।
इन गांवों को मिलेगा लाभ
बबीना ब्लाक
में सिंचाई हेतु कोई नहर नहीं है। जमीन ऊंची- नीची है। यहां नलकूप भी सफल
नहीं हैं। बबीना ब्लाक के नौहरा, बड़ौरा, बघौरा, बैदोरा, घिसौली, बबीना,
पुरा, पृथ्वीपुरा नया खेरा, सुकुवां, सिमिरिया, लहर ठकुरपुरा, रसीना,
मानपुरा, कोटी व सैकर ग्रामों की 4400 हेक्टेअर भूमि को सिंचित करने के लिए
इस योजना को स्वीकृति दी गई है। इस योजना से तीन हजार किसान लाभान्वित
होंगे। योजना के तहत 150 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है, जिसमें सात सौ
काश्तकारों की जमीन आ रही है। इनमें से अभी अस्सी प्रतिशत काश्तकारों ने ही
जमीन देने पर सहमति जताई है।