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बबीना से झांसी के बीच तीसरी रेल लाइन पर शुरूआत में दौड़ेंगी मालगाड़ियां

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झांसी। बबीना से झांसी के बीच तीसरी रेल लाइन पर संचालन शुरू करने के लिए रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) को दस्तावेज भेजे जा रहे हैं। दस्तावेजों में कार्य का विवरण होगा। संतुष्ट होने के बाद ही वह निरीक्षण करेंगे। मार्च तक इस नई लाइन पर संचालन शुरू करने का लक्ष्य बनाया गया है। शुरूआत में बबीना से झांसी के बीच मालगाड़ियों को दौड़ाया जाएगा।
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झांसी से बबीना के बीच तीसरी लाइन (25.35 किलोमीटर) को बिछाने का काम रेलवे का निर्माण संगठन कर रहा है। पटरी बिछाने और छोटे- बड़े 30 पुलों को बनाने का काम पूरा कर लिया गया है। बिजौली, खजराहा व डीजल शेड पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग का काम भी हो गया है। अब बबीना स्टेशन पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग का काम बाकी रह गया है। यह काम फरवरी में पूरा होगा। उक्त कार्य को पूरा करने में 20 से 25 दिन का समय लगेगा। इस काम के पूरा होने के बाद रेल संरक्षा आयुक्त नई पटरी का निरीक्षण कर सकेंगे। उनकी अनुमति मिलते ही नई लाइन पर ट्रेनों का संचालन शुरू हो सकेगा। लाइन शुरू होने से मालगाड़ियां सीधे मालगोदाम की तरफ जा सकेंगी, उनको यार्ड में पटरियां नहीं बदलनी होंगी। इससे समय की बचत व संचालन बेहतर होगा।
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- झांसी बबीना के बीच तीसरी रेल लाइन को मार्च 2021 तक चालू की योजना है। सीआरएस निरीक्षण के लिए दस्तावेज भेजे जा रहे हैं। संदीप माथुर, डीआरएम।
अभी ये समस्याएं
- मथुरा-झांसी-बीना लाइन पर मथुरा से झांसी के मध्य 12 प्रतिशत और झांसी- बीना के मध्य 22 प्रतिशत ओवर ट्रैफिक (ओवरलोड) है।
-आए दिन ट्रेनें लेट हो जाती हैं, क्योंकि आवागमन अधिक होने के कारण प्रमुख ट्रेनों को पहले रास्ता देना जरूरी होता है।
- कई बार ट्रेनों का संचालन बुरी तरह प्रभावित हो जाता है। प्रतिकूल मौसम में दिक्कत और बढ़ जाती है।
- इन मार्गों पर यातायात को देखते हुए नई ट्रेनों की जरूरत है। दो पटरियां अब और बोझ सह सकने में अक्षम हैं।
- पटरियों की मरम्मत करने के लिए अक्सर ट्रेनों का संचालन बंद करना पड़ता है। इसके लिए लंबे समय के लिए ब्लाक लेना पड़ता है।
ये मिलेगी राहत
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- इस रूट पर नई ट्रेनों को चलाने का रास्ता साफ हो जाएगा।
- मालगाड़ियों के लिए बिल्कुल अलग लाइन हो जाएगी।
- नई ट्रेनों के चलने पर यात्रियों के लिए आरक्षण कोटा बढ़ जाएगा।
- मालगाड़ियों का समय पालन सुधरने पर माल समय पर पहुंचेगा।
- दुर्घटना होने पर तीसरी रेल लाइन विकल्प के रूप में काम कर सकेगी।
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