बुंदेलखंड राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज को बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्धता मिल गई है। अब छात्रों और शिक्षकों को अपने कार्यों के लिए मुख्यालय छोड़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
गौरतलब है कि सन् 1974 में बुंदेलखंड राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर से संबद्धता मिली हुई थी। ऐसे में कॉलेज शिक्षकों को कॉपियों के मूल्यांकन तथा छात्र-छात्राओं को मार्कशीट समेत अन्य प्रमाण पत्रों की त्रुटियां सुधरवाने के लिए कानपुर जाना पड़ता था। हाल ही में राज्यपाल राम नाईक ने सभी कॉलेजों को क्षेत्रीय विश्वविद्यालय से संबद्धता प्राप्त करने के संबंध में निर्देश जारी किया था। इसके बाद से ही बुंदेलखंड आयुर्वेद कॉलेज ने भी बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से संबद्धता प्राप्त करने को आवेदन कर दिया।
प्राचार्य एवं अधीक्षक प्रो. सुरेश चंद्रा ने बताया कि कॉलेज को बीयू से संबद्धता प्राप्त हो गई है। साथ ही आयुर्वेद फैकल्टी का गठन भी विश्वविद्यालय द्वारा कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद संकाय अध्यक्ष की नियुक्ति के संदर्भ में भी कुलपति प्रो. अविनाश चंद्र पांडेय जल्द मुहर लगा देंगे। बीयू से संबद्धता प्राप्त होने के बाद छात्रों को नियमित रूप से बीएएमएस कोर्स के अध्ययन, अध्यापन की प्रक्रिया समय तुल्य होगी। इसके अलावा शिक्षकों को कॉपी जांचने के लिए मुख्यालय नहीं छोड़ना पड़ेगा।