झांसी। जिले के लोगों को अभी भी सावधान रहने की जरूरत है। भले ही सभी कोरोना संक्रमितों की रिपोर्ट निगेटिव आ गई हो लेकिन वायरस का खतरा अभी भी टला नहीं है। खासकर बाहर से आने वाले श्रमिकों से कोरोना फैलने का डर है। प्रदेश के आंकड़ों पर गौर करें तो कई जिलों में प्रवासी श्रमिक लगातार कोरोना पॉजिटिव मिल रहे हैं। ऐसे में खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में तो लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
झांसी में कोरोना वायरस के 30 संक्रमित मरीजों में से चार की मौत हो चुकी है, जबकि 26 मरीज की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है। इनमें से 18 मरीजों को मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड से डिस्चार्ज कर अपने घर भी भेज दिए गए हैं। हालांकि, झांसी में कोरोना वायरस के आने की चेन नहीं ढूंढी जा सकी है। अब तक सिर्फ ओरछा गेट अंदर निवासी कोरोना संक्रमित मिली पहली महिला के बेटे द्वारा गैर राज्यों से आए मजदूरों को भोजन कराने की ही बात सामने आई। ऐसे में उससे या उसके संपर्क में आए लोगों से जिले के अलग-अलग इलाकों में कोरोना फैल जाना मुश्किल है। जानकारों की मानें तो झांसी में बाहर से आए श्रमिकों की वजह से ही कोरोना वायरस फैला है। अब तक लगभग 25 हजार श्रमिक झांसी के विभिन्न गांवों में लौट चुके हैं। कई श्रमिकों के आने का सिलसिला अभी भी जारी है। ऐसे में लोगों को अभी भी सावधान रहने की जरूरत है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वालों को, क्योंकि ज्यादातर श्रमिक ग्रामीण इलाकों के ही रहने वाले हैं।
ये ध्यान दें ग्रामीण
- साथ में हुक्का, बीड़ी आदि न पीएं
- सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें
- एकसाथ चौपाल लगाकर न बैठें
- बेवजह एक-दूसरे के घर न जाएं
- गांवों में संगीत समेत कोई आयोजन न करें
कंट्रोल रूम पर दें सूचना
यदि आपके क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति गैर राज्य या बाहरी जनपद से आता है और प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग को सूचना दिए अपने घर पर रहने लगता है तो इसकी जानकारी कंट्रोल रूम पर फोन करके दें। आपकी सतर्कता ही आपका बचाव है।
लक्षण न मिलना खतरनाक
झांसी में कोरोना वायरस के अधिकतर मामलों में इसके लक्षण ही नहीं दिखाई दिए थे। यह स्थिति तो और ज्यादा खतरनाक है, क्योंकि परिजन या फिर जान-पहचान वाले ऐसे संक्रमितों में रोग की पहचान नहीं कर पाते। फिर एक से दूसरे और अन्य व्यक्तियों में संक्रमण फैलता जाता है।