फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बच्चों से मिलना किया बंद, बरत रही हैं पूरी सावधानी

विज्ञापन
गुंजन तौमर
विज्ञापन
झांसी। मां-पापा मैं पूरी तरह से ठीक हूं। कोरोना से बचने के लिए पूरी सावधानी बरत रही हूं। लोगों को बचाने के लिए हर पल पूरी दृढ़ता से अपने फर्ज को अंजाम दे रही हूं। आप लोग अपना ध्यान रखें। घर से न निकलें। कुछ यही बोल आजकल ड्यूटी पर मुस्तैद महिला पुलिसकर्मियों की जुबां पर हैं। वहीं, कुछ स्टाफ नर्सों ने तो अपने को बच्चों से ही दूर कर लिया है। कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए ड्यूटी कर रहीं महिला पुलिसकर्मी व स्टाफ नर्स अपने परिवार को भी संक्रमण से दूर रखने का जिम्मा संभाल रही हैं।
विज्ञापन

----------
दो महीने बाद आऊंगी घर
कन्नौज निवासी महिला पुलिसकर्मी प्रतिभा यादव लोगों को लॉकडाउन का पालन कराने के लिए ड्यूटी पर मुस्तैद हैं। उन्होंने परिवार का मोह पूरी तरह से छोड़ दिया है। दिसंबर 2019 के बाद से अब तक घर तक नहीं गई हैं। कोरोना संक्रमण के दौर में ड्यूटी लगी है, तो परिजन भी चिंतित हो जाते हैं। प्रतिभा बताती हैं कि रोज दिन में तीन-चार बार घर से फोन आ जाता है। उनको हालचाल और सावधानी बरतने के बारे में बताती रहती हूं। घर वाले कह रहे थे कि छुट्टी लेकर आ जाओ, लेकिन जब तक कोरोना संक्रमण खत्म नहीं हो जाता, तब तक पूरी दृढ़ता से ड्यूटी करूंगी। परिजनों को भी सावधानी बरतने के लिए कहती हूं।
--------
आप सुरक्षित रहिए, हम ठीक हैं
आगरा निवासी महिला पुलिसकर्मी गुंजन तोमर भी पूरी मुस्तैदी से अपने फर्ज को अंजाम दे रही हैं। कभी बस स्टैंड पर ड्यूटी करती हैं, तो कभी चित्रा चौराहा, इलाइट पर ड्यूटी रहती है। 12 घंटे की ड्यूटी के दौरान वह लोगों को लॉकडाउन का पालन कराने के लिए जागरूक करती हैं। वह बताती हैं कि घर से फोन आता है कि आ जाओ, लेकिन मैने कह दिया है कि संकट के दौर में देश सेवा का फर्ज नहीं छोड़ सकते। शाम को घर पर वीडियो कॉल के जरिए हाल चाल बताते रहते हैं। उनका कहना है कि इस दौर में सबको एकजुट होना है। इसलिए लोग घर में रहकर लॉकडाउन का पालन करते रहें। तभी देश से संक्रमण दूर हो सकेगा।
विज्ञापन

---------
बच्चों को कर दिया दूर
आवास विकास कॉलोनी निवासी स्टाफ नर्स ऊषा की जिला अस्पताल में ड्यूटी रहती है। अस्पताल में संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है और बच्चों, परिवार पर इसका साया न पड़े, इसके लिए उन्होंने परिवार से दूरी बना ली है। शाम को घर पहुंचने के बाद गर्म पानी से नहाकर और खुद को सैनिटाइज कर ही कोई काम करती हैं। दोनों बच्चों को छूने से डरती हैं। ताकि संक्रमण का असर न हो। वह बताती हैं कि ड्यूटी के दौरान और बाद में भी पूरी सावधानी बरतते हैं ताकि परिवार के लोग सुरक्षित रहें। बच्चे भी कोरोना संक्रमण के खतरे को समझ रहे हैं, इसलिए वे भी दूर ही रहते हैं।

उषा नर्स

प्रतिभा यादव

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें