झांसी। अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए खनिज विभाग की लखनऊ से आई टीम यहां डेरा डाले हुए है। खनिज का अवैध रूप से परिवहन करने वाले वाहनों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है। पिछले छह दिनों के दरम्यान 65 गाड़ियों को पकड़ा जा चुका है।
बुंदेलखंड की खनिज संपदा खनन माफियाओं के लिए सोना उगलने का काम कर रही है। अवैध खनन व खनिज का अवैध रूप से परिवहन कर मोटा मुनाफा अर्जित किया जा रहा है। इस पर अंकुश लगाने के लिए शासन का रुख भी गंभीर है। लखनऊ से चार सदस्यीय एक टीम भेजी गई है, जो नौ दिसंबर से यहां डेरा डाले हुए हैं। टीम अलग-अलग समय व अलग-अलग स्थानों पर लगातार चेकिंग में जुटी हुई है। अब तक 65 गाड़ियों को पकड़ा जा चुका है। इनमें से सात गाड़ियों को रविवार - सोमवार की दरम्यानी रात पकड़ा गया। इनमें से किसी गाड़ी में निर्धारित से अधिक मात्रा में खनिज लदा हुआ मिला, तो किसी के पास इंटर स्टेटस पास नहीं था। तमाम गाड़ियों में अवैध रुप से खनिज का परिवहन किया जा रहा था। टीम की नजर मध्य प्रदेश से सटे इलाकों पर ज्यादा है।
विभागीय टीम की इस कार्रवाई से खनन माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है। खनिज का अवैध काम करने वालों ने फिलहाल अपनी गाड़ियों के पहिये थाम दिए हैं। वहीं, रास्ता बदलकर गाड़ियां भी निकाली जा रही हैं। इसमें भी मुखबिर तंत्र का सहारा लिया जा रहा है। गाड़ियों के आगे - पीछे लोग चलते हैं, जो खनिज टीम की पल-पल की लोकेशन अपने आकाओं को देते हैं। जिला खान अधिकारी जेपी द्विवेदी ने बताया कि टीम 15 दिसंबर तक झांसी में रुकेगी। अवैध खनन व खनिज के अवैध परिवहन के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।