संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। वंदे भारत और शताब्दी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों की तरह अब गतिमान एक्सप्रेस में भी हाईटेक डोर लॉकिंग सिस्टम लगा दिया गया है। यदि आप समय से ट्रेन में सवार नहीं होते तो यात्रा रद्द होना तय मानिए।
वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी से हजरत निजामुद्दीन के बीच दौड़ने वाली सेमी हाईस्पीड गतिमान एक्सप्रेस को रेलवे ने अब हाईटेक बना दिया है। इसके दरवाजे वंदे भारत एक्सप्रेस की तरह खुलेंगे और बंद होंगे। पांच अप्रैल 2016 को रेलवे ने उस समय देश की सबसे तेज गति से दौड़ने वाली सेमी हाईस्पीड ट्रेन गतिमान एक्सप्रेस हजरत निजामुद्दीन से आगरा कैंट के बीच चलाई थी। एक अप्रैल 2018 को इसका विस्तार झांसी तक कर दिया गया था। अब इस ट्रेन के चलने से 10 सेकेंड पहले इसके सभी दरवाजे अपने आप बंद हो जाएंगे। एक बार ट्रेन आगे बढ़ने के बाद किसी भी सूरत में दरवाजे नहीं खोले जाएंगे। इस डोर लॉकिंग सिस्टम की कमान लोको पायलट को दी गई है। साथ ही इंजन से लेकर अंतिम कोच तक पूरी ट्रेन की बाहर से निगरानी करने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिसकी स्क्रीन इंजन के कैब में है।
- ट्रेन के अंदर ही मिलेगी प्लेटफॉर्म की जानकारी
गतिमान एक्सप्रेस के डोर लॉकिंग सिस्टम को वंदे भारत एक्सप्रेस की तर्ज पर विकसित किया गया है। वंदे भारत एक्सप्रेस में अगला स्टेशन आने की सूचना के साथ यह भी बताया जाता है कि दरवाजे किस ओर खुलेंगे। इसी तरह गतिमान एक्सप्रेस में भी यह व्यवस्था की गई है। कई बार लोग परिजनों के छूट जाने या अन्य किसी कारण से ट्रेन में चेन पुलिंग कर देते हैं। ऐसा पहले गतिमान एक्सप्रेस में भी देखने को मिला। चेन पुलिंग के चलते कई बार ट्रेन लेट भी हो जाती है। लेकिन, अब ऐसा नहीं होगा। चेन पुलिंग करने पर भी दरवाजे नहीं खुलेंगे।
वर्जन
वंदे भारत एक्सप्रेस की तर्ज पर गतिमान एक्सप्रेस का डोर लॉकिंग सिस्टम भी ऑटोमेटिक कर दिया गया है। यात्री समय से अपनी सीट पर नहीं पहुंचते हैं तो सुरक्षा के लिहाज से दरवाजे नहीं खोले जा सकेंगे।
मनाेज कुमार सिंह, मंडल रेल जनसंपर्क अधिकारी।