टोड़ी फतेहपुर। नगर में स्थित प्राचीन किला में मंदिर के शिखर पर करीब 50 किलो का स्वर्ण कलश स्थापित है। बीती मध्यरात्रि को स्वर्ण कलश निकालने की मंशा के तहत किले के अंदर चोर घुस गए। उनकी भिड़ंत यहां तैनात उपनिरीक्षक एवं चौकीदार से हो गई। इस वजह से उनके नापाक इरादे कामयाब नहीं हो सके और उन्हें वापस भागना पड़ा। इस दौरान उपनिरीक्षक और चौकीदार एवं किले की देखभाल करने वाला एक अन्य चौकीदार भी चुटहिल हो गए। उन्हें गुरसराय स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। किले की देखभाल में तैनात रामकिशुन बाल्मीकि (70) पुत्र राजाराम ने पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया। बताया कि किला के मंदिर पर लगे स्वर्ण कलश की सुरक्षा में उपनिरीक्षक योगेंद्र सिंह, थाना चौकीदार जीवनलाल और वह तैनात था। रात एक से दो बजे के बीच कुछ अज्ञात व्यक्ति मुंह पर कपड़ा बांधकर किले के अंदर कलश चोरी करने की नीयत से घुस आए। उन लोगों ने हम सभी को दबोचने की कोशिश की, लेकिन हम लोगों को उनसे गुत्थमगुत्था होने लगी। जब उन्हें लगा कि वह अपने इरादे में सफल नहीं हो पाएंगे तो वह भाग गए। साथ ही धमकी दी कि अगर किसी को इस बारे में सूचना दी तो जान से मार दिया जाएगा। प्रभारी निरीक्षक देवेश कुमार उपाध्याय ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर चोरों को पकड़ने के लिए धरपकड़ शुरू कर दी है। गौरतलब है कि राजा गोपाल जूदेव (गोपू राजा) झांसी में रहते हैं। उनके स्वामित्व में टोड़ी का किला है। उन्हीं के द्वारा किले की देखभाल के लिए रामकिशुन बाल्मीकि को रखा गया है। वह कई वर्षों से किले की देखभाल कर रहे है। मंदिर के शिखर पर लगे स्वर्ण कलश को निकालने के लिए पूर्व में भी चोरों द्वारा कई बार कोशिशें की गईं पर वह अपने मंसूबों में सफल नही हो सके। संवाद