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वकील को फीस देने के लिए की थी लूट

Sat, 06 Aug 2016 01:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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झांसी। तेलंगाना एक्सप्रेस में दंपति को चाकू मारकर घायल कर लूटपाट करने वाले बदमाशों को जीआरपी ने सर्विलांस की मदद से गिरफ्तार कर लिया है। घटना को दो बदमाशों ने अंजाम दिया था। दोनों झांसी से ट्रेन में सवार हुए थे। एक बदमाश पर हत्या पर मुकदमा चल रहा है। उसने वकील को फीस देने के लिए अपने दोस्त के साथ वारदात को अंजाम दिया था।
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2/3 अगस्त की रात बदमाशों ने ललितपुर रेल सेक्शन के जीरोन स्टेशन के पास चेन पुलिंग कर तेलंगाना एक्सप्रेस में लूटपाट की थी। मंकी कैप पहने बदमाशों ने फर्स्ट एसी एच ए-वन कोच में सवार शैलेंद्र शर्मा व उनकी पत्नी को चाकू मारकर घायल कर दिया था। बदमाश थर्ड एसी कोच में सवार एक महिला यात्री का पर्स अपने साथ ले गए थे, जिसमें दस हजार रुपये, मोबाइल, परिचय पत्र आदि सामान रखा था। शुक्रवार को जीआरपी थाना ललितपुर प्रभारी महेश दुबे, क्राइम ब्रांच उपनिरीक्षक शमीम खान, सर्विलांस सेल प्रभारी धीरेंद्र कुमार ने सर्विलांस की मदद से वारदात को अंजाम देने वाले दोनों बदमाशों को पकड़ लिया। पकड़े गए बदमाशों के नाम ललितपुर के जाखलौन थाना क्षेत्र के बम्हरौरी कलां निवासी रामदास पुत्र बाबू व दीपक पुत्र सुखलाल हैं। बदमाशों की निशानदेही पर महिला का बैग, मोबाइल, चश्मा व वारदात में प्रयुक्त तमंचा व चाकू बरामद कर लिया गया।

एसपी (रेलवे) सत्येंद्र कुमार ने बताया कि दोनों बदमाश झांसी से ही ट्रेन के जनरल कोच में सवार हुए थे। जीरोन स्टेशन के नजदीक पहुंचने पर ही दोनों ने जनरल कोच से चेन पुलिंग की और फर्स्ट एसी कोच में शटर खोलकर घुस गए। घटना को अंजाम देने के बाद दोनों कोच से उतरकर भाग गए। फर्स्ट एसी से बी 4 कोच की तरफ बढ़ते समय रास्ते में उनकी कोच कंडक्टर सुनील कुमार शर्मा से भी भिड़ंत हुई थी।
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पकड़े गए आरोपी रामदास पर हत्या समेत तीन मुकदमे दर्ज हैं। उस पर गैंगेस्टर भी लगी हुई है। गैंगेस्टर की तारीख पर वकील को फीस देने के लिए उसने अपने दोस्त दीपक के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया था। इस मौके पर सीओ (रेलवे) ओमप्रकाश, प्रभारी निरीक्षक रवि चंद्र मिश्र मौजूद थे।

मंकी कैप में बदमाशों को कैसे पहचान गए कोच कंडक्टर?
पुलिस अधीक्षक (रेलवे) ने पत्रकार वार्ता के दौरान बदमाशों का सामना तो कराया, मगर उनसे सवाल नहीं पूछने दिए। इस दौरान मौजूद कोच कंडक्टर सुनील कुमार शर्मा ने अवश्य कहा कि दोनों वही बदमाश हैं, जिनसे उनकी ट्रेन में भिड़ंत हुई थी। सवाल यह है कि जब बदमाश वारदात के समय मंकी कैप पहने थे तो कोच कंडक्टर ने उनके चेहरे को कैसे पहचान लिया? जब आरोपी असली है तो एसपी (रेलवे) ने पत्रकारों की बात उनसे क्यों नहीं कराई। यह कई अनसुलझे सवाल है जो खुलासे पर प्रश्नचिह्न खड़े कर रहे हैं।
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