झांसी। झांसी-इलाहाबाद खंड स्नातक चुनाव में पहली बार उतरे ऑल टीचर्स इंपलाइज वेलफेयर एसोसिएशन (अटेवा) पेंशन बचाओ मंच ने भाजपा के वोट बैंक में जमकर सेंध लगाई। पुरानी पेंशन लागू कराने की मांग उठा रहे संगठन के प्रत्याशी को भी चुनाव में पांच हजार से अधिक मत मिले। इसका सीधा नुकसान भाजपा को होता नजर आया। वहीं अटेवा के प्रत्याशी को वोट देने वाले मतदाताओं में सत्ता के प्रति रोष जाहिर हुआ।
दरअसल, ऑल टीचर्स इंपलाइज वेलफेयर एसोसिएशन (अटेवा) पेंशन बचाओ मंच पिछले कई सालों से सरकार द्वारा 2004 में बंद की गई पुरानी पेंशन योजना को लेकर आंदोलन शुरू किए। संगठन ने इलाहाबाद से अपनी यात्रा शुरू कर पुरानी पेंशन की मांग को लेकर हर जिले में अपने पैर जमाए। इस संगठन से बड़ी संख्या में शिक्षक और सरकारी कर्मचारियों का जुड़ाव है। इस बार चुनाव में अटेवा ने शिक्षक और स्नातक की सभी आठों सीट पर प्रत्याशियों को उतारा। हर सीट पर अटेवा के प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा। लेकिन अटेवा के प्रदर्शन ने भाजपा का पूरा गणित बिगाड़ दिया।
झांसी-इलाहाबाद सीट पर अटेवा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. हरिप्रकाश यादव ने चुनाव लड़ा। मतगणना के दौरान प्रथम वरीयता क्रम में उनको 5306 मत मिले। बताया जाता है कि डॉ. हरिप्रकाश यादव की इलाहाबाद क्षेत्र में अच्छी पकड़ है। साथ ही, पुरानी पेंशन की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे कर्मचारियों और शिक्षकों में सरकार की अनदेखी को लेकर रोष है। इसका सीधा नुकसान भाजपा को हुआ। अटेवा के प्रत्याशी डॉ. हरिप्रकाश इलाहाबाद के सलोरी के निवासी और आजमगढ़ के मथुरा प्रसाद इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य हैं।