झांसी। अब छठवीं कक्षा से छात्र-छात्राओं को तकनीकी शिक्षा देने के लिए नीति आयोग की पहल पर स्कूलों में अटल टिकरिंग लैब्स (एटीएल) की स्थापना कराई जाएगी। इसके लिए स्कूल को दस लाख रुपये का अनुदान भी मिलेगा।
बुंदेलखंड अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक प्रो. वीके त्यागी ने बताया कि अटल टिकरिंग लैब्स नीति आयोग की अहम पहल है। नवयुवकों में रचनात्मक प्रवृत्ति के विकास और विज्ञान, तकनीकी, इंजीनियरिंग, गणित के सिद्धांत को समझने के लिए क्लास छह से बारहवीं के विद्यार्थियों के लिए एटीएल की डू इट योरसेल्फ किट्स उपयोगी साबित होगी। एटीएल की स्थापना के लिए स्कूल को दस लाख रुपये मिलेंगे।
इसके अलावा आगामी पांच सालों तक उपकरणों के रखरखाव आदि को भी दस-दस लाख सालाना दिए जाएंगे। 12वीं कक्षा तक संचालित स्कूल इसके लिए 15 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। नीति आयोग के पोर्टल पर अटल टिकरिंग लैब्स को आवेदन का विकल्प दिया गया है। इसमें स्कूलों की संरचना के साथ-साथ छात्र-छात्राओं की संख्या का उल्लेख है। निदेशक ने बताया कि सभी स्कूलों को फोन, ईमेल कर इसकी जानकारी दे दी गई है। लैब स्थापना में स्कूलों का मार्गदर्शन डीन प्लानिंग डॉ. शहनाज अयूब करेंगी।
जारिए डू इट योरसेल्फ किट
डू इट योरसेल्फ की किट में पीसीबी बोर्ड, सोल्डरिंग (कईया लगाने) का समान होता है। इसके जरिए लैब में छोटे-छोटे सर्किट तैयार करना सिखाया जाता है। अंत में तैयार हुए सर्किट का उपयोग खिलौने, लाइट आदि में आटोमेटिक सिस्टम के तौर होता है। इंजीनियरिंग की पढ़ाई में प्रथम वर्ष में पीसीबी लैब में सॉफ्टवेयर के जरिए बड़े सर्किट बनाना सिखाया जाता है।