जिले में रविवार को सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा संपन्न होने के बाद सीपरी पुलिस ने सॉल्वर गैंग के तीन सदस्यों को पकड़ने में सफलता हासिल की है। एक सॉल्वर पकड़े जाने से पहले परीक्षार्थी के साथ फरार है। ये सभी परीक्षार्थियों के स्थान पर परीक्षा देते थे। आरोपियों के पास से पुलिस ने पहचान पत्र, फोटो, मोबाइल व अन्य सामान बरामद किया है। यह लोग पांच लाख रुपये में पास कराने का ठेका लेते थे।
रविवार को जिले में सहायक भर्ती परीक्षा आयोजित होने के बाद एसएसपी डॉ. ओपी सिंह को सूचना मिली कि थाना सीपरी बाजार स्थित मिशन कंपाउंड के एचएम मेमोरियल गर्ल्स इंटर कॉलेज में एक अभ्यर्थी के स्थान पर दूसरे साल्वर द्वारा परीक्षा दी गई है। सूचना मिलते ही एसपी सिटी देवेश पांडेय, सीओ सिटी जितेंद्र सिंह परिहार, स्वॉट टीम से विजय कुमार पांडेय, सर्वलॉस सेल प्रभारी अशोक कुमार वर्मा व सीपरी बाजार प्रभारी निरीक्षक सभाजीत मिश्रा ने दबिश देकर तीन सॉल्वरों को पकड़ा। इनके पास से पहचान पत्र, फोटो व मोबाइल बरामद हुए। मोबाइल में बातचीत की रिकॉर्डिंग भी मिली, जिनमें सॉल्वरों को बैठाने की बात भी हुई थी। थाने लाकर तीनों से पूछताछ की गई। यहां तीनों ने अपने नाम इलाहाबाद के थाना घूरपुर गांव दौना व हाल निवासी थाना मोंठ के मोहल्ला मदारगंज निवासी उमाशंकर पटेल, प्राचीन कुमार और मातन मोहल्ला निवासी पंकज वाल्मीकि बताए।
पूछताछ में पता चला कि तीनों सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा में सॉल्वर काम करते थे। बताया कि परीक्षार्थी थाना एरच के गांव गोती निवासी संजय यादव के स्थान पर मनीष मिश्रा परीक्षा दे रहा था। पुलिस ने दोनों की भी तलाश शुरू कर दी है। देर रात सीपरी बाजार पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस अन्य परीक्षाओं में सॉल्वर बैठाए जाने को लेकर भी पूछताछ कर रही है। देर रात पुलिस की कई टीमें फरार आरोपियों को पकड़ने में जुटी थी।
मिक्सिंग कर बदलते थे फोटो
परीक्षार्थी की जगह सॉल्वर के बैठे होने की कक्ष निरीक्षकों द्वारा पकड़ न कर ली जाए, इसके लिए फोटो मिक्सिंग की जाती थी। ऐसे में प्रवेश पत्र की फोटो लगभग सॉल्वर के चेहरे जैसे बना दी जाती थी, जिसे देखकर उनको पकड़ना मुश्किल की जाती थी। रविवार को परीक्षार्थी संजय की जगह उमाशंकर ने परीक्षा दे दी थी और वह पकड़ में भी नहीं आ सका था।