मंडलायुक्त के राममोहन राव ने कहा कि विभागीय अधिकारी सुझाव दें कि भविष्य में कौन सी योजनाएं बनाई जाएं, जिससे बुंदेलखंड में रोजगार सृजन के अवसर बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि 17 अप्रैल को नई दिल्ली में नीति आयोग की बैठक होनी है। इसमें सुझाव रखेे जाएंगे।
मंडलायुक्त ने कहा कि बुंदेलखंड पैकेज के अंतर्गत 2010 से 2017 तक स्वीकृत 2007.53 करोड़ रुपये के सापेक्ष अब तक शासन ने 1307.56 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इस धनराशि से अलग - अलग विभागों ने 1271.86 करोड़ रुपये विकास कार्यों पर खर्च कर दिए हैं। रामगंगा कमांड परियोजना में इंटीग्रेटिड वाटर शेड मैनेजमेंट प्रोग्राम के लिए स्वीकृत 383.79 करोड़ रुपये में से अब तक शासन ने 246.48 करोड़ रुपये जारी किए हैं। उन्होंने इस राशि से कराए गए कार्यों की जांच कराने के निर्देश दिए। लघु सिंचाई विभाग, कृषि विपणन, सिंचाई विभाग कृषि विभाग, उद्यान विभाग पशुपालन विभाग के कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पावर प्रजेंटेशन तैयार करें, ताकि उसके माध्यम से भारत सरकार को पैकेज के कार्यों के बारे में जानकारी दी जा सके। इस मौके पर जिलाधिकारी अजय कुमार शुक्ला, ललितपुर डा. रूपेश कुमार, जालौन संदीप कौर, सीडीओ नवनीत सिंह चहल, डीडी सांख्यकी भोलाराम, अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई डी पी वर्मा उपस्थित रहे।
आज होगा पावर प्रजेंटेशन
आज शुक्रवार को मंडलायुक्त कार्यालय में बुंदेलखंड पैकेज से संबंधित योजनाओं का पावर प्रजेंटेशन होगा, ताकि इसकी जानकारी नीति आयोग को दी जा सके। पावर प्रजेंटेशन शाम को छह बजे से होगा।