अरविंद यादव हत्याकांड में करीब 48 घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने मिथुन यादव, अजीत एवं सुरेश को पकड़ लिया जबकि मुख्य हत्यारोपी रिंकू यादव अभी पुलिस के हाथ नहीं आ सका है। पुलिस उसकी तलाश में मध्य प्रदेश समेत आसपास के जिलों में सुराग लगा रही है। तीन हत्यारोपियों के हत्थे चढ़ने से पुलिस को अब जल्द अन्य आरोपियों के हाथ आ जाने की उम्मीद है। पुलिस पकड़े गए तीनों हत्यारोपियों से पूछताछ में जुटी है। एसपी सिटी ज्ञानेंद्र सिंह का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कई अहम सुराग बताए हैं। उसके सहारे अन्य आरोपियों की भी तलाश की जा रही है।
भोजला निवासी अरविंद की 8 अगस्त को दिन दहाड़े पत्नी के सामने गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अरविंद की पत्नी संगीता की तहरीर पर हत्या के आरोप में भोजला के पूर्व ग्राम प्रधान रिंकू यादव समेत अनिल, मिथुन, अजीत, कुल्लू, राहुल, कैलाश, अमित, संजय एवं सुरेश के खिलाफ नामजद रिपोर्ट की गई थी। आरोपियों की तलाश में पुलिस मंगलवार को भी मध्य प्रदेश समेत आसपास के इलाकों में भटकती रही। सुराग मिलने पर पुलिस मिथुन, अजीत एवं सुरेश को पकड़कर लाई। उनसे पूछताछ की जा रही है।
पुलिस पर फरसा से हमला
अरविंद यादव हत्याकांड में वांछित भोजला पूर्व प्रधान रिंकू यादव के परिवार से इलाके के लोग थर्राते रहे हैं। पूर्व प्रधान का परिवार पहले भी कई दुस्साहसिक वारदात अंजाम दे चुका। इस वजह से गांव के लोगों में आज भी इनका खौफ है। इस परिवार के सदस्यों के बारे में गांव के लोग बात करने को राजी नहीं होते।
पुलिस रिकॉर्ड भी पूर्व ग्राम प्रधान रिंकू यादव के परिवार के आपराधिक किस्सों से भरा हुआ है। पुलिस रिकॉर्ड बताते हैं कि वर्ष 2000 में भरारी स्थित कृषि केंद्र में मवेशियों को चराने के लिए रिंकू के परिवार के धनीराम यादव, पप्पू उर्फ कैलाश यादव, कुल्लू उर्फ अशोक घुस आए थे। शिकायत पर सीपरी बाजार थाने के ग्वालियर रोड पुलिस चौकी से सिपाही अवधेश दुबे एवं जयकरन धर पकड़ के लिए मौके पर पहुंचे। उनको देखते ही आरोपियों ने फरसे हमला बोल दिया। कांस्टेबल अवधेश दुबे की तीन अंगुलियां काट डाली जबकि आराक्षी जयकरन को घसीटकर पीटा। उसकी वर्दी फाड़ दी। आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई लेकिन, आरोपी फरार रहे। इसके कुछ माह बाद ही दूसरी दुस्साहसिक वारदात को भी इन लोगों ने अंजाम दे डाला। गांव में रहने वाले सहकारी समिति के निदेशक कोमिल यादव एवं उसकी बहन सिद्धवती से विवाद होने पर तमंचे से फायर करके दोनों की ही आंख फोड़ दी। आज भी कोमिल देख नहीं पाते। भोजला गांव के लोग भी पूर्व प्रधान के परिवार से खौफ खाते हैं। इनकी शिकायतें पुलिस तक भी पहुंचती रहीं लेकिन, कोई कार्रवाई नहीं हुई।
परिवार के आठ सदस्यों के खिलाफ 23 से अधिक आपराधिक मामले
पूर्व प्रधान रिंकू यादव के परिवार के आठ सदस्यों के खिलाफ सीपरी बाजार थाने में 23 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। सबसे अधिक छह मामले रिंकू के चचेरे भाई अशोक उर्फ कुल्लू पर हैं। उस पर जानलेवा हमला, धमकी, अपहरण, घर में घुसकर मारपीट, छेड़खानी, सीएलए एक्ट, नाबालिग को अगवा करने जैसे आरोप हैं। इसके साथ ही अजीत पुत्र वान सिंह पर पांच, कैलाश पर पांच, धनीराम पर दो, मिथुन पर दो, अनिल पर तीन, पूर्व प्रधान रिंकू पर तीन एवं राहुल पर तीन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें से कई मामलों में आरोपी पुलिस की फाइल में वांछित हैं लेकिन, पुलिस उन तक नहीं पहुंच सकी।
अरविंद की पत्नी ने लगाई न्याय की गुहार
अरविंद की सरेआम सड़क पर हत्या से पूरा इलाका दहल उठा। 48 घंटे बाद भी आसपास के लोगों में खौफ हावी है। घटनास्थल के पास के दुकानदार भी घटना के बारे में कुछ बोलने को राजी नहीं हैं। काफी कुरेदने के बावजूद वह लोग बात करने को तैयार नहीं हुए। उधर, अरविंद के घर पहुंचकर गांव के लोग उसके परिजनों को सांत्वना दे रहे हैं। बुधवार को भी गांव के लोगों का जमावड़ा रहा। अरविंद की पत्नी संगीता 48 घंटे बाद भी बदहवास है। पति को याद करते-करते बिलख उठती है। वह सिर्फ पति के हत्यारों को सजा दिलाने की गुहार लगाती रही। वहीं, अरविंद के घर के आसपास पीएसी समेत पुलिस बल को भी तैनात रखा गया है।