अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बहुचर्चित अरविंद यादव हत्याकांड का मुख्य आरोपी पूर्व प्रधान रिंकू यादव पुलिस को आखिरकार चकमा देने में कामयाब रहा। पुलिस 37 दिनों से उसकी तलाश में खाक छान रही थी। उस पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था, लेकिन इसका फायदा नहीं हुआ। मंगलवार को आरोपी ने कोर्ट के सामने एक मामले में आत्मसमर्पण कर दिया। कोर्ट से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।
हत्यारोपी रिंकू यादव कई दिनों से आत्मसमर्पण करने की फिराक में था। पुलिस को इसकी भनक भी लग चुकी थी। एक सप्ताह पहले ही उसने अपने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में आत्मसमर्पण का प्रार्थनापत्र दिया था। पुलिस भी कोर्ट के आसपास उसकी ताक में थी, लेकिन मंगलवार दोपहर रिंकू अचानक अपने अधिवक्ता की मदद से कोर्ट में हाजिर हो गया।
आठ सितंबर को डेयरी संचालक अरविंद यादव की भोजला गांव के पासा पत्नी संगीता के सामने गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। पूर्व प्रधान रिंकू यादव, अनिल यादव, मिथुन, अजीत, कुल्लू उर्फ अशोक, राहुल, कैलाश, कल्लू उर्फ अमित, संजय एवं सुरेश के खिलाफ सीपरी बाजार थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पत्नी संगीता ने पूर्व प्रधान रिंकू यादव को मुख्य आरोपी ठहराया था। हत्या के बाद से आरोपी मध्य प्रदेश भाग निकले। रिंकू को पकड़ने के लिए पुलिस ने जाल बिछाया, लेकिन वह हाथ नहीं आ सका। पिछले 37 दिनों के अंदर मिथुन, अजीत व सुरेश, रिंकू के बेटे राजा, रजनी, रेखा, इंद्रजीत, अशोक यादव, भमर यादव समेत 14 आरोपियों को पुलिस जेल भेज चुकी है। एसपी सिटी प्रीति सिंह का कहना है कि रिंकू का बयान दर्ज करने के लिए उसे रिमांड में लेने का प्रयास किया जाएगा।