फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ऑर्थराइटिस: एक किलो ज्यादा वजन...घुटनों पर चार गुना दबाव, अधिक जिम और प्रोटीन के सेवन से युवा भी हो रहे शिकार

Sun, 12 Oct 2025 03:08 PM IST
दीपक महाजन अमर उजाला नेटवर्क, झांसी

सार

लोगों में ऑर्थराइटिस की समस्या आम हो गई है। दिनभर उठने-बैठने, घुटनों के कार्टिलेज तेजी से घिसते हैं। इससे घुटनों की हड्डियों के रगड़ खाने से दर्द व सूजन आती है। जब शरीर का वजन बढ़ता है तो घुटनों पर चार गुना दबाव बढ़ जाता है।
विज्ञापन
घुटने का दर्द - फोटो : Adobe Stock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मोटापा, अव्यवस्थित जीवनशैली की वजह से बुजुर्ग ही नहीं, ऑर्थराइटिस की पीड़ा से युवा भी कराह रहे हैं। जिम में ज्यादा वजन उठाना और अधिक प्रोटीन का सेवन करना भी युवाओं के स्वास्थ्य पर भारी पड़ रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि शरीर का वजन एक किलो ज्यादा होने पर घुटने पर चार गुना दबाव पड़ता है। इनसे न सिर्फ घुटना बल्कि कूल्हे में समस्या होती है। हर माह मेडिकल कॉलेज में आठ से 10 युवाओं के घुटना व कूल्हा का प्रत्यारोपण हो रहा है।
विज्ञापन


मेडिकल कॉलेज में हड्डी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. पारस गुप्ता ने बताया कि अभी तक ऑर्थराइटिस को उम्रदराज लोगों की बीमारी माना जाता था लेकिन अब ऐसा नहीं है। कोरोना में ज्यादा स्टेरॉयड का सेवन करने वालों को भी यह समस्या घेर रही है। ओपीडी में युवा भी घुटना व कूल्हा में दर्द की शिकायत लेकर आ रहे हैं।

वहीं, झांसी ऑर्थोपेडिक हॉस्पिटल के रोबोटिक ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ. गौरव गुप्ता ने बताया कि 35 से 40 वर्ष के लोगों में ऑर्थराइटिस की समस्या आम हो गई है। दिनभर उठने-बैठने, झुकने से घुटनों के कार्टिलेज तेजी से घिसते हैं। इससे घुटनों की हड्डियों के रगड़ खाने से दर्द व सूजन आती है। जब शरीर का वजन बढ़ता है तो घुटनों पर चार गुना दबाव बढ़ जाता है। दिनभर कंप्यूटर पर बैठने, थोड़ी-थोड़ी दूरी पर गाड़ी से आवागमन करने और व्यायाम की कमी घुटनों को कमजोर कर रही है। सावधानी बरतने से घुटनों में दर्द से राहत मिल सकती है। बमुश्किल एक फीसदी रोगियों को प्रत्यारोपण की जरूरत होती है।
विज्ञापन



ये होता है कार्टिलेज

घुटनों के जोड़ों के बीच में चिकनाईयुक्त मुलायम परत होती है। यह झटकों को सहन करती है और हड्डियों को रगड़ से बचाती है। जब यह कमजोर या खत्म होती है तो ऑर्थराइटिस होती है।

ऐसे बच सकते हैं

नियमित 30 मिनट तेज सैर, साइकिलिंग करने से जोड़ों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। स्विमिंग से जोड़ सुरक्षित रहते हैं। रोज सुबह 20 मिनट धूप में रहने, ओमेगा-3 फैटी एसिड, कैल्शियम, विटामिन सी युक्त भोजन से घुटनों में मजबूत रहती है। लंबे समय तक जमीन पर बैठने या झुककर काम करने से बचें। ऑफिस में कुर्सी-मेज की ऊंचाई सही रखें। सीढि़यां चढ़ते समय धीरे-धीरे कदम रखें और रेलिंग का सहारा लें। अचानक झटके देने वाली गतिविधियों से परहेज करें। योग से शरीर लचीला रहता है। मानसिक तनाव घटने से शरीर में इंफ्लेमेटरी हार्मोन बढ़ते हैं, जो योग से नहीं होता।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें