झांसी। पुलिस द्वारा पूछताछ के लिए बेटे को उठाए जाने के बाद से ही पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह यादव अफसरों के संपर्क में आ गया था। इस मसले पर बात करने के लिए वह एक अधिकारी के आवास पर पहुंच रहा था। इसी दरम्यान पुलिस उसे गिरफ्तार कर नवाबाद थाने ले आई और जेल भेज दिया गया।
दुर्दांत अपराधी लेखराज को पुलिस कस्टडी से छुड़ाने की साजिश रचने में नाम आने के बाद से ही पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह यादव को पुलिस ने अपने टारगेट पर ले लिया था। लेकिन, इसकी भनक किसी को नहीं लगने दी। रविवार-सोमवार की रात तकरीबन ढाई बजे पुलिस दीपनारायण के आरटीओ ऑफिस के पास स्थित आवास पर पहुंची। यहां दीपनारायण की पत्नी पूर्व विधायक मीरा यादव व बेटा दीपांकर यादव (मून) मिला। पुलिस बेटे को अपने साथ ले आई। हालांकि, इस कार्रवाई का मीरा यादव ने विरोध किया। उन्होंने पुलिस से कहा कि वह भी बेटे के साथ चल रहीं हैं, लेकिन पुलिस दीपनारायण की तलाश में बेटे को लेकर भगवंतपुरा स्थित स्पेस मून सिटी पहुंच गई। पूर्व विधायक की पत्नी मीरा यादव ने आरोप लगाया कि पुलिस ने स्पेस मून सिटी में तैनात गार्डों से अभद्रता की और उनकी बंदूक भी छीन ली। इसके अलावा वहां मौजूद अन्य स्टाफ के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया। मीरा ने बताया कि रात में उन्होंने इसकी जानकारी देने के लिए दीपनारायण को फोन भी किया था, परंतु रिसीव नहीं हुआ। सुबह जानकारी लगने पर दीपनारायण सक्रिय हो गया। इसके बाद वह पुलिस के संपर्क में आ गया। वह बातचीत करने के लिए एक अफसर के घर पहुंच रहा था। पहले से मुस्तैद पुलिस उसे गिरफ्तार कर थाने ले आई और इसके बाद जेल भेज दिया गया। गिरफ्तारी के बाद दीपनारायण ने पुलिस पर धोखा देने का भी आरोप लगाया।
षड्यंत्र कर फंसाया, घटना में भूमिका नहीं: दीपनारायण
झांसी। गिरफ्तारी के बाद पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह यादव ने कहा कि उन्हें षणयंत्र के तहत फंसाया गया है। घटना में उनकी कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें अधिकारियों से बात करने के नाम पर पुलिस ने बुलाया था, लेकिन धोखा देकर गिरफ्तारी दिखा दी गई। इस दौरान उन्होंने गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हीं के इशारे पर यह कार्रवाई की गई है। दीपनारायण ने इसे घटिया राजनीति करार दिया।
तानाशाही कर रहा है प्रशासन: डा. चंद्रपाल
झांसी। समाजवादी पार्टी के नेता पूर्व सांसद डा. चंद्रपाल सिंह यादव ने पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह यादव की गिरफ्तारी की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि प्रशासन तानाशाही कर रहा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फर्जी मुकदमों व साजिशों के जरिये सपा नेताओं व कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न किया जा रहा है। पुलिस ने दीपनारायण को फर्जी आरोप लगाकर फंसाया है। प्रदेश सरकार को ऐसे कृत्यों का संज्ञान लेते हुए तानाशाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने दीपनारायण यादव पर लगे आरोपों को खारिज कर रिहा करने की मांग की।
दीपनारायण की पुराने मुकदमों में जमानतें निरस्त कराएगी पुलिस
झांसी। डीआईजी जोगेंद्र कुमार ने बताया कि दुर्दांत अपराधी लेखराज को छुड़ाने की कोशिश में गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों का लंबा आपराधिक इतिहास है। सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की लाएगी। उन्होंने बताया कि 16 सितंबर को लेखराज को कनौज से पेशी पर कचहरी लाया गया था। यहां 60-70 लोगों ने उसे छुड़ाने की कोशिश की थी। रास्ते में पुलिस की गाड़ी को दस जगह ओवरटेक किया गया था। एक जगह रोकने की कोशिश भी की गई थी। पुलिस की गाड़ी में बैठा लेखराज भी पुलिस को धमका रहा था। इसके बाद कनौज पुलिस लेखराज को लेकर मोंठ थाने पहुंच गई, परंतु वहां इंस्पेक्टर नहीं थे। कुछ देर रुकने के बाद पुलिस उरई के एट पहुंची। यहां लेखराज पुलिस की गाड़ी अपना सिर मारने लगा। पुलिस टीम ने इसकी सूचना कनौज एसपी को दी। उन्होंने जालौन एसपी से बात की। इसके बाद पुलिस अभिरक्षा बढ़ाकर उसे कनौज तक भेजा गया। वहीं, जब पुलिस इस घटना में शामिल लोगों को गिरफ्तार करने नगर पंचायत अध्यक्ष मोंठ के आवास पर पहुंची, तो वहां आरोपी फायरिंग करते हुए भाग गए। उन्होंने बताया कि दीपनारायण पर चालीस से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। सभी में जमानतें निरस्त कराई जाएंगी। इसके अलावा पेशी पर आने वाले दुर्दांत अपराधियों की सूची भी तैयार की जाएगी, ताकि आगे इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो।