अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बहुप्रतीक्षित झांसी-ग्वालियर हाईवे पर फ्लाई ओवर के निर्माण को सेना ने हरी झंडी दिखा दी है। सेना की एनओसी न होने से ही करीब 22 साल पहले यहां स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना का काम रोकना पड़ा था। इसके बाद दोबारा से फ्लाई ओवर की नई डिजाइन तैयार कराई गई। एनएचएआई अफसरों का कहना है कि इस डिजाइन को सेना ने मंजूर कर लिया है। अब जल्द निविदा प्रक्रिया आरंभ कराई जाएगी।
देश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्से को आपस में जोड़ने के लिए बनाए जा रहे स्वर्णिम चतुर्भुज योजना के तहत यहां कॉरिडोर बनाया जाना था। झांसी में 2002-04 के बीच फ्लाई ओवर के निर्माण का काम आरंभ हुआ लेकिन, फ्लाइंग जोन का हवाला देकर सेना ने काम रुकवा दिया। आधे-अधूरे हाल में प्रोजेक्ट का काम रोकना पड़ गया।
झांसी-कानपुर हाईवे और झांसी-ग्वालियर हाईवे के आपस में यहां मिलने से बहुत अधिक ट्रैफिक लोड रहता है। इसको देखते हुए एनएचएआई ने फ्लाई ओवर की नई डिजाइन तैयार की। इसमें झांसी-कानपुर हाइवे पर सुरंग बनाए जाने के साथ झांसी-ग्वालियर रोड पर एक किलोमीटर लंबा फ्लाई ओवर बनाया जाना है। पूरे प्रोजेक्ट की लागत करीब 130 करोड़ रुपये आंकी गई है। परियोजना अधिकारी सुनील चंद्र जैन का कहना है कि सेना ने फ्लाई ओवर निर्माण के लिए अपनी एनओसी जारी कर दी है। अब जल्द इसके लिए निविदा प्रक्रिया आरंभ की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट को वित्तीय मंजूरी पहले ही मिल चुकी। सेना की एनओसी का ही इंतजार था। अगले दो साल के अंदर इसका निर्माण पूरा कर लिया जाएगा।