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मां तूने तो मुझे फेंक दिया था...अब पता नहीं कौन मुझे अपनाएगा

Wed, 05 Feb 2020 12:57 PM IST
झांसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
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पचास दिन की हो गई अपूर्वी - फोटो : अमर उजाला
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पचास दिन की हो गई अपूर्वी। पूरी तरह से स्वस्थ है। लेकिन पुलिस-प्रशासन और हम सब मिलकर भी उसकी मां को नहीं तलाश पाए। वह कौन मां है, फूल सी बच्ची को सड़क पर क्यों फेंका गया था कोई नहीं जानता। लेकिन बच्ची पर क्या बीती यह सुनने भर से कलेजा कांप जाता है। कुत्तों ने दाहिना हाथ खा लिया है। अब पूरा जीवन एक हाथ के सहारे ही कटेगा। अब उसे चाइल्ड लाइन के सुपुर्द किया जाएगा। हर किसी को जेहन में एक ही सवाल है कि इस बच्ची को कौन अपनाएगा। अपूर्वी को भी एक मां का इंतजार है।

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कड़ाके की ठंड थी। पारा चार डिग्री था। 16 दिसंबर (2019) की ऐसी सर्द रात में कोई इस नवजात को लाल रंग के कपड़े में लपेटकर मेडिकल कालेज के गेट नंबर एक के सामने वाली गली में मंदिर के पास कूड़े में फेंक गया था। कुत्तों बच्चे को उठा ले गए और एक हाथ खा लिया। इसी दौरान राहगीर की नजर पड़ी और उसने कुत्तों को भगाकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने नवजात को मेडिकल कालेज में न्यू बॉर्न सिक केयर यूनिट में भर्ती करा दिया। कई दिनों तक बच्ची की हालत गंभीर बनी रही।

अमर उजाला ने बच्ची को इंसाफ दिलाने के लिए मुहिम शुरू की। पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। बाल कल्याण अधिकार की टीम लखनऊ से पहुंची। उसे अपूर्वी नाम दिया गया। जहां बच्ची को फेंका गया था वहां के सीसीटीवी खंगाले गए लेकिन कुछ हासिल नहीं हुआ। बच्ची के मां-बाप को तलाशने में मशीनरी नाकाम रही। खैर अब अपूर्वी पूरी तरह से स्वस्थ है और मां का इंतजार है। उसे गोद देने की प्रक्रिया भी शुरू होगी।

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