झांसी। कोरोना की जंग में नारीशक्ति पूरी तन्मयता से जुटी हुई है। लोगों को लॉकडाउन का पालन कराने का काम हो या सोशल डिस्टेंसिंग का काम कराना हो, हर जगह महिलाएं पूरी मुस्तैदी से जुटी हुई हैं। वहीं महानगर में सिविल डिफेंस पूरी जिम्मेदारी से लोगों को लॉकडाउन का पालन करा रही हैं। वे सब्जी मंडी में सोशल डिस्टेंसिंग कराती हैं, तो हाउस मैपिंग में अहम भूमिका निभा रही हैं।
लॉकडाउन के दौरान लोगों को जागरूक करने के लिए नागरिक सुरक्षा कोर पूरी जिम्मेदारी निभा रहा है। इस काम में पुरुष ही नहीं बल्कि महिलाएं भी बढ़-चढ़कर सहयोग कर रही हैं। सिविल डिफेंस से जुड़ी महिलाएं कभी बैंकों के बाहर लाइन बनवाती हैं, तो कभी लॉकडाउन का पालन कराने के लिए बैरियर पर मुस्तैद रहकर लोगों को घर में रहने की सलाह देती हैं। इसके साथ ही सब्जी मंडी, किराना की दुकानों पर भी सोशल डिस्टेंसिंग के लिए पहल कर रही हैं। सिविल डिफेंस को प्रशासन ने हाउस मैपिंग की जिम्मेदारी भी सौंपी है। इस काम में भी महिलाएं घर-घर जाकर डाटा जुटा रही हैं। महिलाओं का कहना है कि लॉकडाउन का पालन कराने के लिए लोगों को जागरूक करते हैं। गर्व है कि संकट में दौर में हम मदद कर पा रहे हैं।
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कहती हैं महिलाएं
सिविल डिफेंस से जुड़कर अच्छा लगता है। महामारी के दौर में लोगों को लॉकडाउन का पालन कराने के लिए जागरूक कर रहे हैं।- नीलम शर्मा, नगरा प्रभाग
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बैंक के बाहर लंबी लाइन लगती है। लोगों को समझाकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हैं। गर्व है कि संकट में देश के लिए काम कर रहे हैं।- सपना वर्मा
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लोगों को घर पर रहकर लॉकडाउन का पालन करना चाहिए। हम रोज सुबह घर से निकलते हैं और हाउस मैपिंग का काम कर डाटा जुटा रहे हैं।- निशी
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लॉकडाउन में सब्जी बिक्री के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हैं। ताकि कोरोना के संक्रमण से लोग सुरक्षित रह सकें। यह सबके लिए जरूरी है।- ममता शर्मा
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लोगों को लॉकडाउन का पालन कराने के लिए जागरूक कर रहे हैं। अच्छा लगता है कि इस दौर में हम लोगों और देश की मदद कर पा रहे हैं।- सोनाली शाक्य
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सबका एकजुट होना जरूरी है, लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग रखकर जुड़ना है। इसके लिए लोगों को जागरूक करती हूं। बैरियर पर बेवजह घूमने वालों को रोक रही हूं।- सुनीता परिहार
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जरुरतमंदों के लिए बना रहीं भोजन
सिविल डिफेंस के अलावा महिलाएं अपने स्तर पर भी जरुरतमंदों के लिए मददगार बन रही हैं। रसबहार कॉलोनी निवासी दीपा छाबड़ा रोज जरुरतमंदों के लिए भोजन बनवाती हैं। इस काम में कॉलोनी की नीतू सिंह समेत तमाम महिलाएं सहयोग कर रही हैं। वे रोज 500 पैकेट बनाकर बेसहारा और जरुरतमंद लोगों को वितरित करती हैं।
सूनीता परिहार
सोनाली शक्या