झांसी। त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में इस बार कुल 120 सीटें अनुसूचित जाति को आरक्षित की गईं लेकिन, इनमें अधिकांश सीटें पहली बार इस वर्ग को आरक्षित की गई हैं। इस वर्ग को सीट आरक्षित न होने से इन ग्राम पंचायतों की बागडोर इस समूह को नहीं मिली। ऐसे में इन सभी 120 सीटों की स्थानीय चुनावी गणित गड़बड़ा गई है।
जनपद की कुल 496 ग्राम पंचायतें में ग्राम प्रधान की 165 सीटें सामान्य, अनुसूचित जनजाति महिला को एक, अनुसूचित जनजाति की एक, अनुसूचित जाति महिला को 43 एवं अनुसूचित जाति को 77 सीटें आरक्षित की गईं। सबसे अधिक गुरसराय ब्लॉक में 11 सीटें इन वर्ग को दी गई हैं। बताया जाता है कि खैलार, अठौदना, डंगरियारूद, ढिकौली, पठारी, डोमागोर, डगरवाहा, पलींदा, बमेर,रसीना (पिछड़ा)। बैदौरा, सैयर, रसोई, लहरठकुरपुरा, इमिलिया, खजराहाखुर्द, गेवरा,बरूआपुरा, अमरपुर (अनुसूचित जाति)। ब्लॉक मऊरानीपुर- झांकरी, मथूपुरा, धवाकर, दुर्गापुर, खरकामाफ, बम्हौरी, खिलारा, खंदरका, रौनी, सिजारी बुजुर्ग जैसी पंचायतों में कई वर्षों से चुनिंदा वर्ग से ही प्रधान चुने जाते रहे हैं। ऐसे में इस वर्ष इनका प्रतिनिधित्व ही पंचायत से खत्म हो जाएगा। ऐसे में ग्रामीण इलाकों का चुनावी समीकरण रोजना ही तेजी से बदल रहा है हालांकि आरक्षण की अंतिम तस्वीर 14 मार्च को साफ होगी।