झांसी। जून से सितंबर तक अंत्योदय और पात्र परिवारों को मुफ्त अनाज दिया जाएगा। अंत्योदय परिवार को 35 किलो और पात्र परिवारों को प्रति यूनिट पांच किलो अनाज मिलेगा। अपात्रों का नाम सूची से हटाया जाएगा। इसके लिए खुली बैठक कर जांच की जाएगी। कमिश्नरी कार्यालय में हुई बैठक में यह जानकारी कमिश्नर के. राम मोहन राव ने दी।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत सरकारी राशन की दुकानों से अंत्योदय कार्ड धारक परिवार और पात्र परिवारों को दो रुपये की दर से गेहूं तथा तीन रुपये में चावल दिया जा रहा था। मगर, अब जून से सितंबर तक अंत्योदय और पात्र परिवारों को अनाज मुफ्त दिया जाएगा। कमिश्नर ने बताया कि ग्राम, तहसील, जिला स्तरीय अधिकारियों के पर्यवेक्षण में वितरण कराकर फोटोग्राफी भी कराई जाएगी।
एक से 20 तारीख तक ग्राम सभाओं में खुली बैठक आयोजित होंगी, जिसमें अपात्रों को हटाकर छूटे हुए पात्रों के नाम सूची में जोड़े जाएंगे। 30 जून तक अंतिम सत्यापन रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इस दौरान डीएम अजय कुमार शुक्ला समेत ललितपुर व जालौन की डीएम आदि मौजूद रहे।
राशन वितरण में अनियमितता पर हुई कार्रवाई
राशन वितरण में अनियमितता मिलने पर मई में झांसी में तीन एफआईआर, सात दुकानें निलंबित, चार निरस्त की गई हैं। इसके साथ ही 51500 की धनराशि जब्त की गई है। यदि आगे भी अनियमितता पाई जाती है, तो कार्रवाई की जाएगी।
केंद्र से किश्त आते ही होगा भुगतान
ओलावृष्टि, अतिवृष्टि से किसानों को हुए नुकसान का अभी भी करीब 87 करोड़ रुपया नहीं आया है। इससे किसानों को नुकसान की भरपाई नहीं हो पा रही है। इस संबंध में जब कमिश्नर से सवाल किया गया तो उन्होंने बताया कि अभी केंद्र सरकारसे किश्त नहीं मिली है, जैसे ही पैसा आएगा किसानों को भुगतान कर दिया जाएगा।
वहीं, सीपरी बाजार, मऊरानीपुर में लटके ओवरब्रिज के सवाल पर बोले कि रेलवे अधिकारियों से बात चल रही है। जल संस्थान में चतुर्थ श्रेणी द्वारा महाप्रबंधक कार्यालय पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने पर अब तक क्या कार्रवाई हुई, इस पर कमिश्नर ने कहा कि मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होगी।