रिश्वतखोर लिपिक को लखनऊ ले गई टीम
झांसी। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के लिपिक के खिलाफ नवाबाद थाने में भ्रष्टाचार निवारण इकाई झांसी के उप निरीक्षक प्रेम कुमार की तहरीर पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। इसके बाद एंटी करप्शन की टीम उसे अपने साथ लखनऊ ले गई। वहां पर उसे बुधवार को अदालत में पेश किया जाएगा। उसकी गिरफ्तारी के बाद से जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में सभी कर्मचारी सकते में हैं। कोई भी उसके बारे में खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। कई बाबुओं को इस बात भी भय सता रहा है कि कहीं सख्ती से जांच हो गई तो उनकी भी गर्दन फंस सकती है।
एक विद्यालय की हाईस्कूल की मान्यता के लिए लगाई गई फाइल को आगे बढ़ाने के लिए लिपिक मनीष कुमार पांडेय दस हजार रुपये मांग रहे थे। इसकी शिकायत भ्रष्टाचार निवारण टीम से की गई थी। इस पर उसे सोमवार को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उसके खिलाफ नवाबाद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। भ्रष्टाचार निवारण अदालत लखनऊ में है। इसलिए उसे कोर्ट में पेश करने के लिए टीम लखनऊ ले गई है। वहां पर बुधवार को उसे पेश किया जाएगा। इस दौरान टीम उससे पूछताछ कर कई और बाबुओं के राज खुलवाने का प्रयास कर रही है।
अनुदानित स्कूलों में नियुक्तियां, अवैधानिक रूप से अनुदानित स्कूलों की जमीनों की खरीद फरोख्त, हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की मान्यता, शिक्षकों व लिपिकों की पदोन्नतियां सहित क ई ऐसे बिंदु हैं, जिन्हें लेकर विभाग हमेशा चर्चाओं में रहा हैं। विवादों पर ठोस कार्रवाई हमेशा कागजों में सिमट कर ही रह गई। वर्ष 2007 में बोर्ड परीक्षा के सेंटर निर्धारण और समायोजन प्रकरण को लेकर शिक्षा विभाग के एक लिपिक प्रताप तोमर की सरेआम हत्या कर दी गई थी। इसके बावजूद भी माध्यमिक शिक्षा विभाग विवादों से अछूता नहीं रहा। वर्ष 2018 अक्तूबर माह में एक अनुदानित स्कूल में हुई नियुक्तियों की शिकायत को लेकर लखनऊ की एंटी करप्शन की टीम ने संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक को हिरासत में लिया था। विभाग में कर्मचारी और आने वाले शिक्षक भी इसी पर चर्चा करते रहे। कर्मचारी काम निपटाते रहे। शिक्षकों एवं अन्य लोगों की समस्याओं तथा उनसे जुड़ी फाइलों के निस्तारण भी किया गया। अन्य दिनों की अपेक्षा मंगलवार को शिक्षा भवन परिसर में में ज्यादा लोग नजर आए।
छह कालेजों ने किए मान्यता के लिए आवेदन
माध्यमिक शिक्षा विभाग से हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की मान्यता को लेकर छह प्राइवेट कालेजों ने ऑनलाइन आवेदन किए हैं। विभाग के अनुसार यह आवेदन 15 जुलाई तक लिए गए थे। विलंब शुल्क के साथ यह 31 जुलाई तक लिए जा रहे है।
सभी लिपिकों को निर्देश हैं कि वह कामकाज में पूरी तरह से पारदर्शिता बरतें और लंबित मामले निपटाएं। संपूर्ण प्रकरण की सूचना संयुक्त शिक्षा निदेशक को दे दी गई है। आगे आरोपी लिपिक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
कोमल यादव जिला विद्यालय निरीक्षक