सरकारी विभागों के रिश्वतखोर अधिकारियों और कर्मचारियों पर अब सतर्कता अधिष्ठान (विजलेंस) की वक्रदृष्टि होगी। शासन के निर्देश पर विजलेंस के तीन इंस्पेक्टरों के बीच विभाग बांट दिए गए हैं। अब ये इंस्पेक्टर बुंदेलखंड के सातों जिलों झांसी, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, बांदा, चित्रकूट में कार्रवाई कर लोगों की शिकायत पर रिश्वतखोरों को रंगे हाथ दबोचेंगे। बुंदेलखंड में एक साल से एक भी अधिकारी, कर्मचारी रिश्वत लेते हुए विजलेंस के हत्थे नहीं चढ़ा है।
बुंदेलखंड के सरकारी विभागों में रिश्वत मांगने की शिकायतें लगातार आ रही हैं, लेकिन कार्रवाई पिछले एक साल में एक भी नहीं हुई है। लखनऊ में हुई समीक्षा बैठक में बुंदेलखंड में ट्रैपिंग (रंगे हाथ पकड़ने की कार्रवाई) का आंकड़ा शून्य होने पर उच्चाधिकारियों ने नाराजगी जताई। निर्देश दिए कि सरकारी विभागों पर नजर रखें और वहां आने-जाने वालों से संपर्क कर रिश्वत मांगने वालों पर कार्रवाई करें। शासन की मंशा है कि विजलेंस अफसर शिकायत का इंतजार न करें, बल्कि खुद पीड़ितों की तलाश कर रिश्वतखोरों को रंगेहाथ दबोचें और जेल भेजें।
अफसरों के निर्देश पर शनिवार को एसपी विजलेंस ने झांसी में तैनात तीन इंस्पेक्टरों को पूर्ति, लघु सिंचाई, चकबंदी, जलसंस्थान, जल निगम, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग, पुलिस, लोक निर्माण, नगर निगम, नगर पालिका, शिक्षा, विद्युत, सिंचाई और राजस्व आदि विभागों की जिम्मेदारी सौंपी।
इंस्पेक्टरों को विभागों का बांट कर निर्देश दिए हैं कि वह बुंदेलखंड के किसी भी जिले में ट्रैपिंग की कार्रवाई कर सकते हैं। यदि किसी से भी कोई अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत मांगता है तो वह गुपचुप तरीके से सूचना दें। शिकायत करने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा और रिश्वतखोर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जगदीश सिंह
एसपी विजलेंस