झांसी। सूखे की विभीषिका से जूझ रहे जिले में पशुओं के लिए चारे का संकट न हो, इसके लिए पशुपालन विभाग द्वारा मंगलवार से जनपद में आधा दर्जन पशु राहत केंद्र शुरू किए जा रहे हैं। केंद्रों में पशुओं के लिए नि:शुल्क चारा उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही टीकाकरण की भी व्यवस्था रहेगी।
सूखे के चलते जिले में चारे का संकट बना हुआ है। आने वाले दिनों में इसके और गहराने की आशंका है। ऐसे में पशु भूखे न रहें और उन्हें पर्याप्त चारा मिलता रहे। इसके लिए पशुपालन विभाग द्वारा जिले में 16 पशु राहत केंद्र खोले जाने हैं।
इनमें से विकासखंड गुरसरांय के ग्राम गुढ़ा व विक्रमपुरा, बामौर के ग्राम ककरबई व दखनेश्वर तथा ब्लाक मऊरानीपुर के ग्राम चुरारा व चकारा में एक-एक केंद्र मंगलवार से शुरू किया जा रहा है। यहां लघु व सीमांत किसानों के पशुओं को चारा उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए उन्हें अपने पशु को केंद्र तक लेकर आना होगा। प्रत्येक केंद्र पर अधिकतम चार सौ पशुओं को चारा उपलब्ध कराया जाएगा।
आवश्यकतानुसार यह संख्या बढ़ाई भी जा सकती है। केंद्र में पशुओं के रुकने की व्यवस्था भी की गई है। इसके अलावा पशुपालक पशुओं को चारा खिलाकर वापस अपने साथ भी ले जा सकते हैं। केंद्रों पर चिकित्सकों की भी तैनाती की गई है। यहां पशुओं का टीकाकरण भी किया जाएगा। साथ ही उन्हें चिकित्सीय सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
कोट-
‘शुरुआत में उन क्षेत्रों में राहत केंद्र खोले जा रहे हैं, जहां सूखे का प्रभाव सर्वाधिक हैं। जल्द ही अन्य स्थानों पर भी केंद्रों की स्थापना होगी। पशुओं के लिए किसी भी दशा में चारे का संकट नहीं होने दिया जाएगा।’
- डॉ. सुधीर सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
भूसा का टेंडर निरस्त
झांसी। जिले में पशुओं के लिए दस हजार कुंतल भूसा खरीदा जाना है। इसके लिए पिछले दिनों टेंडर डाले गए थे, जिनमें 980 से 1050 रुपये प्रति कुंतल के रेट प्राप्त हुए। यह बाजारू दर से अधिक हैं, जिसके चलते इन टेंडरों को निरस्त कर दिया गया। अब दोबारा निविदाएं मांगी जाएंगी।